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वसंत कुंज में 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 75 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला से 30 लाख की ठगी

By Rais Rais Edited By: Sonu Suman
Published: Wed, 30 Sep 2026 10:45 PM (IST)

वसंत कुंज में 75 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला को 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने लगभग सवा ...और पढ़ें

वसंत कुंज में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सवा दो करोड़ की ठगी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

वसंत कुंज में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सवा दो करोड़ की ठगी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. 75 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला को 22 दिन डिजिटल अरेस्ट किया।

  2. साइबर ठगों ने बैंक, सोना और संपत्ति से सवा दो करोड़ ठगे।

  3. बेटी ने विदेश से आकर पुलिस को धोखाधड़ी की सूचना दी।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। वसंत कुंज थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला को 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लगभग सवा दो करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने पहले बैंक बैलेंस, घर में रखे सोने और प्रापर्टी की जानकारी ली। बैंक खाते से तीन लाख रुपये ट्रांसफर कराए फिर सोना गिरवी रखवाकर बुजुर्ग को लोन दिलाया। पांच लाख लोन की राशि अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।

इसके बाद अपना एजेंट भेजकर फ्लैट के दस्तावेज कब्जे में लिए। स्थानीय प्रापर्टी डीलर से बुजुर्ग का रिश्तेदार बनकर फ्लैट बिकवाया और एडवांस में मिले 24 लाख रुपये भी ठग लिए। पीड़ित महिला की बेटी ने विदेश से आकर मामले की सूचना पुलिस को दी। केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बुजुर्ग ललिता रल्हान का कैंसर का उपचार चल रहा है। वसंत कुंज में वे अकेली रहते हैं। पति की पहले ही मौत हो चुकी है। जबकि बेटी राधिका रल्हान नीदरलैंड में रहकर जाब करती हैं। हर छह महीने पर वे मां का उपचार कराने के लिए आती रहती हैं। पीड़िता ललिता रल्हान के मुताबिक छह अप्रैल को एक अज्ञात नंबर से उनके लैंडलाइन पर कॉल आया।

कॉल करने वाले ने स्वयं को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बताया। दावा किया कि उनका नंबर मनी लांड्रिंग मामले में इस्तेमाल किए गए एक अन्य नंबर से जुड़ा हुआ है। आरोपितों के निर्देश पर बुजुर्ग महिला वसंत कुंज स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र गई और फोन करने वालों द्वारा बताए गए खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर किए।

सात अप्रैल को फोन करने वालों ने उन्हें मुथूट फिनकार्प में जाकर 83.5 ग्राम सोना जमा करने को कहा। सोने के बदले लगभग 4,95,250 रुपये का गोल्ड लोन लिया। यह राशि भी जालसाजों की ओर से उपलब्ध कराए गए खाते में ट्रांसफर कर दी गई।

आठ अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर ने किया था संपर्क

पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि आठ अप्रैल को एक व्यक्ति ने खुद को प्रापर्टी डीलर बताकर महिला से संपर्क किया। 13 अप्रैल को वह उनके घर पहुंचा और संपत्ति से जुड़े मूल दस्तावेज और उनकी प्रतियां लेकर चला गया। आरोप है कि दस्तावेज लेने के बावजूद कोई रसीद नहीं दी गई। इसके दो दिन बाद 15 अप्रैल को वह व्यक्ति दो लोगों को साथ लेकर महिला के घर पहुंचा।

महिला पर दबाव डालकर फ्लैट खरीद-बिक्री एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए जिसमें महिला की संपत्ति की कीमत दो करोड़ 40 लाख रुपये बताई। एडवांस के रूप में 17 अप्रैल को महिला के खाते में 24 लाख और 10 लाख रुपये के चेक जमा किए गए। इसके अगले दिन खाते से दो बार में 21 लाख और तीन लाख रुपये निकॉल गए। 23 अप्रैल के बाद आरोपियों ने पीडि़त महिला से संपर्क तोड़ दिया।

बेटी ने विदेश से लौटकर कराई शिकायत

महिला की बेटी राधिका रल्हान नीदरलैंड में रहती हैं। वीडियो कॉल के दौरान उन्होंने अपनी मां को एक अनजान व्यक्ति के साथ कार में देखा। जिसके बाद उन्होंने मां को तुरंत पुलिस से संपर्क करने को कहा और परिवार के एक सदस्य को वसंत कुंज थाने भेजा। वह 29 अप्रैल सुबह दिल्ली पहुंचीं। जिसके बाद उन्होंने प्रापर्टी डीलर से मूल दस्तावेज मांगे तो उसने 24 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद दस्तावेज लौटाने की बात कही। मामले में बुजुर्ग महिला ने सीबीआइ जांच की मांग की है।

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