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दिल्ली की वोटर लिस्ट में UP की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के नाम, ओखला में SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल 

Published: Fri, 11 Sep 2026 11:27 AM (IST)

दिल्ली में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में ...और पढ़ें

जामिया नगर के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर बसी आबादी। जागरण

जामिया नगर के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर बसी आबादी। जागरण

HighLights

  1. यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा धारक मतदाता बने

  2. मई 2025 में 50 मकानों को तोड़ने के लिए नोटिस दिए गए थे

  3. ओखला क्षेत्र में लगभग 6,000 अवैध कब्जा धारक मतदाता सूची में

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी के भीतर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से रहने वालों के नाम भी बीते दिनों SIR के दौरान मतदाता सूची में जुड़ गए हैं।

आवेदन फॉर्म में लोगों ने यहीं के पते दिए और इसी पते पर उन्हें पंजीकृत भी कर लिया गया। ऐसा तब है, जबकि पिछले साल मई में उप्र सिंचाई विभाग ने यहां बने 50 मकानों को तोड़ने के लिए नोटिस दिए थे और मामला कोर्ट में लंबित है।

सिंचाई विभाग की जमीन पर बसी 20 हजार की आबादी

ओखला विहार, खिज्र बाबा दरगाह, धोबी घाट, चार नंबर ठोकर आदि की लगभग 20 हजार की आबादी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर बसी है, जिनमें लगभग 10 हजार मतदाता हैं।

SIR प्रक्रिया में इनमें से लगभग छह हजार को मतदाता सूची में शामिल किया गया है। दक्षिणी पूर्वी जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. श्रवण एम. बागड़िया ने दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही मामले में टिप्पणी करने की बात कही।

50 मकानों पर चस्पा किए गए थे ध्वस्तीकरण के नोटिस

बता दें कि मई 2025 में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने मुरादी रोड पर खसरा नंबर 277 (खिजर बाबा कॉलोनी) के दोनों तरफ करीब 35 मकानों और सेलिंग क्लब रोड पर मजार तक करीब 15 मकानों पर नोटिस चस्पा किए थे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर अवैध कब्जा हटाया जाना था, लेकिन मामला हाई कोर्ट में गया और कब्जाधारियों को स्टे मिल गया था।

पते पर रहना ही SIR में जांच का आधार

जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, SIR प्रक्रिया में केवल यह देखा जाता है कि आवेदन करने वाला फॉर्म में दिए गए पते पर वास्तव में रह रहा है या नहीं। वह किरायेदार है, भवन स्वामी है या झुग्गियों में रह रहा है, इसका प्रक्रिया पर प्रभाव नहीं पड़ता।

जामिया नगर में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर रहने वालों पर भी यही बात लागू होती है। नियम के तहत उनके भी आवेदन लिए गए। ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं।

जिन लोगों ने उत्तर प्रदेश या बिहार में हुई SIR प्रक्रिया में स्वयं को वहां का मतदाता पंजीकृत कराया था, केवल उनके ही नाम सूची से काटे गए हैं।

1.98 लाख मतदाता पंजीकृत

ओखला विधानसभा क्षेत्र में 3.80 लाख मतदाता पंजीकृत थे और 2025 में 2,09,000 वोटिंग हुई थी। SIR प्रक्रिया में लगभग 1,82,000 मतदाताओं के नाम काट दिए गए। शेष 1,98,000 मतदाताओं की जो सूची अपलोड की गई है, उनमें से 52,000 में मिसमैच और 19,000 में नो मैचिंग दिख रहा है। यानी 71,000 और मतदाताओं को लेकर भी संशय बना हुआ है।

ओखला में लगभग आधे मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। जिन इलाकों की बात हो रही है, वो ओखला का ही हिस्सा हैं। यहां रहने वाले दिल्ली सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। सवाल नाम जोड़ने को लेकर नहीं सूची में काटने लेकर होना चाहिए।

-अमानतुल्लाह खान, विधायक-ओखला विधानसभा।

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