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नौकरी-फ्रीलांसिंग के नाम पर हो रही साइबर ठगी, छात्रों को जागरूक बनाएंगे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज

Published: Wed, 28 Jan 2026 07:37 AM (IST)

यूजीसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों को साइबर धोखाधड़ी के प्रति छात्रों को सतर्क करने का निर्देश दिया है। साइबर ...और पढ़ें

साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। सांकेतिक तस्वीर

साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट, ऑनलाइन नौकरी या विदेशों में पढ़ाई के अवसर... ऐसे किसी भी प्रलोभन के नाम पर ऑनलाइन व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें। साइबर अपराधी इस बहाने आपसे संवेदनशील जानकारी जुटा सकते हैं और भुगतान के नाम पर शिकार बना सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में विद्यार्थियों को इसी तरह की बातें समझाकर जागरूक बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से इसे लेकर सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र मिला है।

दरअसल, इन दिनों साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। यूजीसी की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि शिक्षा मंत्रालय को विदेशों से संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चेतावनी मिली है।

इसमें बताया गया है कि कुछ विदेशी संस्थाएं भारतीय छात्रों व लोगों को निशाना बनाकर व्यक्तिगत दस्तावेज जुटा रही है। उन्हें प्रलोभन और लालच देकर या फिर नौकरी आदि का झांसा देकर संदिग्ध माध्यमों से भुगतान भी कर रही हैं, जोकि सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया जाए।

नामी जॉब पोर्टल और फ्रीलांंसिंग के नाम पर ठगी

पत्र में लिखा गया है कि अनुभवी व योग्य उम्मीदवारों की पहचान करने और उन्हें भर्ती करने के लिए नामी जॉब पोर्टल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यहां नौकरी के नाम पर लोगों से व्यक्तिगत दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा लेखन जैसे फ्रीलांसिग काम के नाम पर लोगों को फंसाया जा रहा है। सुरक्षा जानकारों से भारत के विदेशी संबंध, सैनिकों की तैनाती, हथियार सिस्टम, लेटेस्ट डिफेंस खरीद, ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज और युद्ध अभ्यास वगैरह जैसे संवेदनशील विषयों पर लेख लिखवाना भी इसमें शामिल हैं।

भरोसेमंद लिंक पर ही करें क्लिक

जानकारी के मुताबिक संस्थाएं अपनी असली पहचान छिपाती हैं और आमतौर पर खुद को कुछ दूसरे देशों में काम करने वाली कंसल्टिंग फर्मों का प्रतिनिधि बताती हैं। छात्रों को निशाना बनाकर काम कराने के बाद इसके बदले भुगतान के लिए भारतीय छात्रों के खातों और साइबर अपराध की रकम का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में कॉलेजों को छात्रों और कर्मचारियों को इस बारे में जानकारी देने और भरोसेमंद लिंक पर क्लिक करने को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

यूजीसी की ओर से छात्रों को साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने को पत्र मिला है। कॉलेज में समय-समय पर साइबर जागरूकता को अतिथि व्याख्यान, सेमीनार और वक्तव्य आयोजित होते हैं। आदेशानुसार नौकरी या आनलाइन काम के नाम पर ठगी का शिकार होने से बचाने को जागरूक किया जाएगा और कक्षाओं में भी जानकारी दी जाएगी


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-प्रो. वी. रवि, प्राचार्य, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज