विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली की जेलों में मुलाकात जंगला की बदलेगी व्यवस्था, तिहाड़ से होगी शुरुआत

Published: Sun, 20 Sep 2026 01:01 PM (IST)

दिल्ली की जेलों में कैदियों और उनके स्वजनों के बीच मुलाकात की संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी है, जिसकी शुरुआत तिहाड़ जेल से होगी।

कैदियों और उनके स्वजन के बीच मुलाकात की संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

कैदियों और उनके स्वजन के बीच मुलाकात की संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

HighLights

  1. तिहाड़ जेल में कैदी-स्वजन मुलाकात संचार व्यवस्था का आधुनिकीकरण शुरू।

  2. मौजूदा ईपीबीएक्स को इंटरनेट आधारित आईपी-पीबीएक्स प्रणाली से बदला जाएगा।

  3. इससे मुलाकात जंगला में आवाज का संचार अधिक आधुनिक बनेगा।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों और उनके स्वजन के बीच मुलाकात की संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत तिहाड़ जेल से की जा रही है।

तिहाड़ परिसर के सीजे-2 स्थित मुलाकात जंगला में मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक निजी शाखा दूरभाष (ईपीबीएक्स) व्यवस्था को बदलकर इंटरनेट आधारित निजी शाखा दूरभाष (आईपी-पीबीएक्स) व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इससे मुलाकात के दौरान आवाज के संचार को आधुनिक इंटरनेट आधारित तकनीक के जरिये संचालित किया जा सकेगा।

इस व्यवस्था को स्थापित करने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से निविदा जारी की गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 21 लाख 18 हजार 585 रुपये रखी गई है। नई प्रणाली लागू होने के बाद मुलाकात जंगला में संचार व्यवस्था को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मौजूदा प्रणाली पर निर्भरता कम होगी।

बेहतर बनाने के लिए लगातार तकनीकी बदलाव किए जा रहे

जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। मुलाकात जंगला वह स्थान है, जहां जेल में बंद कैदी अपने स्वजन और अन्य अधिकृत मुलाकातियों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत बातचीत करते हैं। ऐसे में यहां इस्तेमाल होने वाली संचार प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

आवश्यक उपकरण और तकनीकी ढांचा तैयार किया जाएगा

नई इंटरनेट आधारित निजी शाखा दूरभाष व्यवस्था के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीकी ढांचा तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी निविदा के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित एजेंसी की ओर से मौजूदा व्यवस्था को हटाकर नई प्रणाली स्थापित की जाएगी।

प्रशासन को संचार प्रणाली के आधुनिकीकरण का मिलेगा अनुभव

तिहाड़ में इस व्यवस्था की शुरुआत के बाद जेल प्रशासन को संचार प्रणाली के आधुनिकीकरण का अनुभव मिलेगा। आगे चलकर आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर दिल्ली की अन्य जेलों के मुलाकात जंगला में भी इसी तरह की आधुनिक व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है। इससे जेलों में मुलाकात से जुड़ी संचार व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ेगा।

इन 16 जेलों में करीब 19,500 कैदी बंद

जेलों में नियमित रूप से उनके परिजन तथा मित्र मुलाकात के लिए पहुंचते हैं। दिल्ली में फिलहाल तीन जेल परिसर—तिहाड़, रोहिणी और मंडोली हैं। इनमें कुल 16 जेल संचालित हैं। तिहाड़ परिसर में नौ केंद्रीय जेल, रोहिणी में एक और मंडोली परिसर में छह केंद्रीय जेल हैं। दिल्ली जेल प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार इन 16 जेलों में करीब 19,500 कैदी बंद हैं, जबकि स्वीकृत क्षमता 10,026 कैदियों की है।

मुलाकात की अवधि 30 मिनट निर्धारित

जेल प्रशासन के अनुसार एक कैदी अपने परिजनों या मित्रों से सप्ताह में दो बार मुलाकात कर सकता है और प्रत्येक मुलाकात में सामान्य तौर पर तीन आगंतुक आ सकते हैं। मुलाकात की अवधि 30 मिनट निर्धारित है। हालांकि, प्रतिदिन कितने लोग कैदियों से मुलाकात के लिए पहुंचते हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

यह भी पढ़ें- संदीप उर्फ काला जठेड़ी कस्टडी पैरोल पर तिहाड़ से आया बाहर, जुड़वां बेटियों के नामकरण समारोह में हुए शामिल