टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, 'डेड लेटर बाॅक्स' के जरिये अमृतसर से पहुंचे थे पिस्टल और कारतूस
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में जांच से खुलासा हुआ है कि हथियार पहुंचाने के लिए एक खतरनाक सिंडिकेट 'डेड लेटर बॉक्स' का इस्तेमाल कर रहा था।

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग केस में पुलिस के हाथ अहम सबूत लगे हैं।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले की जांच में सामने आया है कि शूटरों तक हथियार पहुंचाने के लिए एक खतरनाक और आधुनिक सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसका नेटवर्क मुंबई, दिल्ली, अमृतसर ही नहीं, कई राज्यों तक फैला है।
इस सिंडिकेट ने स्पाई थ्रिलर फिल्मों की तर्ज पर शूटरों तक 'डेड लेटर बॉक्स' के जरिये पिस्टल और कारतूस पहुंचाए थे। खुफिया एजेंसियों और जांच अधिकारियों की भाषा में 'डेड लेटर बॉक्स' उस गुप्त ठिकाने या लोकेशन को कहा जाता है, जहां आमने-सामने मिले बिना ही एक व्यक्ति दूसरे के लिए सामान (इस मामले में हथियार) छोड़कर चला जाता है।
दिल्ली से अमृतसर तक जुड़े हमले के तार
टाइगर पर हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियों रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार से मुंबई पुलिस ने पूछताछ की तो हमले के तार दिल्ली से लेकर अमृतसर तक जुड़ते चले गए।
मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को कुणाल और सुमित के साथ ही कुणाल की गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता को गिरफ्तार किया था। दोनों युवतियों को दिल्ली जबकि युवकों को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अमृतसर में 'डेड लेटर बॉक्स' यानी गुप्त ठिकाने पर पिस्टल व कारतूस पहुंचाए गए थे, जिन्हें कुणाल ने अपने साथी सुमित और दोनों युवतियों की मदद से उठाकर हमलावरों तक पहुंचाया था।
हथियार कहां से उठाने हैं और कहां पहुंचाने हैं, ये सभी निर्देश कुणाल को विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित से मिल रहे थे। इसके लिए इन्हें 70-80 हजार रुपये दिए गए थे। इसमें 10-12 हजार रुपये बबीता और राधा को दिए गए।
राधा और बबीता के जरिये मुंबई भेजे हथियार
कुणाल ने कानून से बचने के लिए गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता को बतौर कूरियर इस्तेमाल किया। ये युवतियां सोनीपत की फैक्ट्री में काम करती हैं और उन पर कोई शक न करे, इसलिए उन्हें हथियार देकर मुंबई भेजा गया था। राधा, सीतापुर और बबीता आजमगढ़ की रहने वाली है।
सोनीपत से तीन और आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में मुंबई पुलिस ने बुधवार को सोनीपत पहुंचकर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गोहाना के बरोदा गांव से अंकित को पकड़ा। दावा है कि अंकित ने हमले से पहले मुंबई में रेकी की थी और हमलावरों के भागने व छिपने की योजना बनाई थी।
इसके अलावा खरखौदा से जतिन को पकड़ा गया। उस पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने से पहले अमृतसर ले जाने का आरोप है। वहीं, सोनीपत एसटीएफ ने शूटर रेहान अंसारी के पड़ोसी समीर को मुंबई पुलिस को सौंपा है। मुंबई पुलिस तीनों को अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले गई।
फायरिंग से एक दिन पहले मुंबई से निकला अंकित
मुंबई पुलिस को अन्य गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अंकित का नाम पता चला था। अंकित के बैंक खाते में करीब 35 हजार का लेनदेन हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग से पहले रेकी और वारदात के दौरान बाइक चलाने की जिम्मेदारी अंकित को दी गई थी।
उसे चेतावनी दी गई थी कि किसी भी स्तर पर अगर गड़बड़ी हुई तो वह भी नहीं बचेगा। इसके बाद अंकित डर गया और फायरिंग से एक दिन पहले ही मुंबई से निकल गया था।
दूसरा आरोपी जतिन, एक ढाबे पर काम करने वाले अपने दोस्त साहिल के माध्यम से उसकी मौसी के बेटे कुणाल के संपर्क में आया था। 14 अक्टूबर को कुणाल सहित दो अन्य आरोपियों को वह किराये पर अपनी गाड़ी में अमृतसर ले गया था।
वहीं से हथियार सोनीपत पहुंचे और फिर ट्रेन के रास्ते राधा उन्हें मुंबई ले गई। इधर, हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने पंचकूला में कहा कि मामले की जांच में मुंबई पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
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