'मुझे हाई कोर्ट से न्याय मिलेगा', अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद होने पर बोला ताहिर हुसैन
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
HighLights
ताहिर हुसैन को अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों के मामले में फैसला सुनाया।
हुसैन ने फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कही।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हुसैन को हत्या, दंगा और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी। अंकित शर्मा की हत्या 24 फरवरी 2020 को दिल्ली के खजूरी खास इलाके में हुई थी। आरोप है कि दंगों के दौरान भीड़ ने शर्मा पर हमला किया और उनके शव को नहर में फेंक दिया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 51 घाव पाए गए थे, जो इस घटना की बर्बरता को दर्शाते हैं।
ताहिर हुसैन का बयान
सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने कहा, “मुझे हाई कोर्ट से न्याय मिलेगा।” उन्होंने फैसले पर निराशा जताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। हुसैन का कहना है कि वे निर्दोष हैं और इस मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। उनकी कानूनी टीम अब दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है।
#WATCH | Delhi | Karkardooma Court awarded life imprisonment to former AAP councillor Tahir Hussain in the murder case of IB official Ankit Sharma during the 2020 Northeast Delhi riots
— ANI (@ANI) July 31, 2026
He says, "I will get justice from the High Court." pic.twitter.com/EnHzd9fjID
पूरा मामला
बता दें कि यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों का एक प्रमुख केस माना जाता है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा की हत्या को लेकर CBI और दिल्ली पुलिस ने विस्तृत जांच की थी। जांच एजेंसियों ने दावा किया कि ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को उकसाया और हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई।
AAP ने पहले ताहिर हुसैन को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इस फैसले से दिल्ली राजनीति में एक बार फिर दंगों के मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ नेताओं ने इसे दिल्ली पुलिस और CBI की निष्पक्ष जांच का परिणाम बताया है।
परिवार की ओर से अंकित शर्मा की मां ने अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आखिरकार उनके बेटे को इंसाफ मिला है। हालांकि, पूरे मामले पर कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हुसैन की अपील के बाद हाई कोर्ट का फैसला आने तक यह विवाद जारी रहने की संभावना है।
