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दिल्ली में 1723 अवैध पीजी पर लटकी सीलिंग की तलवार, कभी भी चल सकता है बुलडोजर

Published: Sun, 27 Sep 2026 05:41 AM (IST)Updated: Sun, 27 Sep 2026 06:58 AM (IST)

नगर निगम द्वारा हाई कोर्ट में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के 2453 पीजी के सर्वे में से ...और पढ़ें

दिल्ली में 1723 अवैध पीजी पर लटकी सीलिंग की तलवार (फाइल फोटो)

दिल्ली में 1723 अवैध पीजी पर लटकी सीलिंग की तलवार (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े रुख से बढ़ सकती हैं मुश्किलें

  2. दिल्ली के 2453 पीजी के सर्वे में से सिर्फ 730 इमारतों का ही बिल्डिंग प्लान रिकॉर्ड में मिला 

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में बिना फायर एनओसी और बिल्डिंग प्लान के अवैध रूप से चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद अब इन पीजी में रह रहे हजारों छात्रों और कामकाजी लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर निगम द्वारा हाई कोर्ट में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के 2453 पीजी के सर्वे में से सिर्फ 730 इमारतों का ही बिल्डिंग प्लान रिकॉर्ड में मिला है।

करीब 1723 इमारतों का बिल्डिंग प्लान गायब या अवैध है, जिसके बाद इन सभी संपत्तियों के खिलाफ सीलिंग या तोड़फोड़ की बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

जानकारों की माने तो हाई कोर्ट में चल रहा मामला छात्रों की सुरक्षा से संबंधित हैं। ऐसे में कोर्ट का रुख स्पष्ट करता है कि बिना बिल्डिंग प्लान के बने पीजी असुरक्षित माने जा सकते हैं।

एमसीडी की निर्माण समिति के चेयरमैन रहे जगदीश ममगांई का कहना है कि आज नहीं तो भविष्य में एमसीडी को कोर्ट में यह बिल्डिंग प्लान देने होंगे क्योंकि कोई इमारत सुरक्षित है या नहीं, इसकी जानकारी ढांचागत सुरक्षा जांच या फिर बिल्डिंग प्लान के जरिये पता की जा सकती है। ऐसे में जिस इमारत का बिल्डिंग प्लान नहीं होगा, उसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार युद्ध स्तर पर सरकारी व्यवस्था में पीजी या होस्टल की सुविधा का विस्तार करे।क्या होता है बिल्डिंग प्लानएमसीडी में बिल्डिंग प्लान एक तरह से इमारत का नक्शा होता है।

इससे इमारत के बनने और सुरक्षा के मापदंडों के पालन का पता चलता है। चूंकि, दिल्ली में बड़ी आबादी गैर नियोजित क्षेत्र में बसी है। इसलिए बहुत से स्थानों पर बिल्डिंग प्लान मंजूर ही नहीं होता है।