दिल्ली दंगे के दो आरोपियों को मिली 6 महीने की अंतरिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी पीठ को सौंपा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के दो आरोपियों अब्दुल खालिद सैफी और तस्लीम अहमद को छह महीने की सशर्त अंतरिम ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के दो आरोपितों को दी जमानत। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने दो दिल्ली दंगों के आरोपियों को जमानत दी।
छह महीने की सशर्त अंतरिम जमानत अब्दुल खालिद सैफी, तस्लीम अहमद को।
UAPA जमानत पर कानूनी प्रश्न बड़ी पीठ को भेजा गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के दो आरोपियों को शुक्रवार को छह महीने की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी। जबकि इस कानूनी प्रश्न को बड़ी पीठ के पास भेज दिया कि क्या लंबे समय तक कारावास और ट्रायल में देरी जमानत पर लागू वैधानिक पाबंदियों को निष्प्रभावी कर सकती है।
जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की पीठ ने जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा दिए गए हालिया फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिसमें उसने कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इन्कार करने के पांच जनवरी के फैसले की आलोचना की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रश्न को बड़ी पीठ के पास भेजने की मांग की थी कि क्या लंबे समय तक कारावास और ट्रायल में देरी गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, 1967 (यूएपीए) जैसे आतंक रोधी कानूनों के तहत जमानत पर लागू वैधानिक पाबंदियों को निष्प्रभावी कर सकती है।
मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के पास रखने के निर्देश
पीठ ने यह निर्देश दिया कि इस मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के पास रखा जाए ताकि इस कानूनी प्रश्न के लिए उपयुक्त पीठ का गठन किया जा सके। पीठ ने दिल्ली दंगों के मामले में खालिद और इमाम को जमानत देने से इन्कार करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह फैसला एक आरोपित आधारित मूल्यांकन और उनकी भूमिका के आधार पर लिया गया था और न कि अनुच्छेद 21 को गौण माना गया था।
पीठ ने दिल्ली दंगों के आरोपितों अब्दुल खालिद सैफी और तस्लीम अहमद को छह महीने की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी। इसमें कहा गया है कि अगर अदालत द्वारा लगाए गए शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो अभियोजन पक्ष इन दोनों की जमानत रद करने की मांग कर सकता है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
