जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली : सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की डायरेक्टर सुनीता नारायण ने कहा है कि जो लोग कहते हैं कि दिल्ली की हवा बहुत प्रदूषित है उन्हें यह भी विचार करना चाहिए कि प्रदूषण को कम करने में वह क्या योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम में लोग अपने कूड़े को खुद ही मैनेज करते हैं। स्वच्छ हवा में सांस लेने के लिए लोगों को खुद भी योगदान करना चाहिए। सुनीता इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी पुस्तक 'कनफ्लिक्ट्स ऑफ इंटरेस्ट' के विमोचन के बाद पाठकों से संवाद के दौरान सवालों का जवाब दे रही थीं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व पर्यावरण के क्षेत्र में जब भी हमने कोई बड़ा काम किया, देश की साइंटिस्ट सोसायटी ने ही हमें गलत बताया। हमने पेस्टीसाइड्स (कीटनाशक दवाएं) की बात की तो उन्होंने कहा कि हमारा साइंस अच्छा नहीं है। सुनीता ने कहा कि यह पुस्तक प्रदूषण, स्वास्थ्य, पानी समेत तमाम क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यो का संकलन है। उन्होंने कहा कि डीजल कार, डीजल जेनरेटर, पेट्रोल आदि सभी थोड़ा-थोड़ा प्रदूषण फैलाते हैं, पर यह सब मिलकर पूरे वातावरण को प्रदूषित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि देश में कम्युनिटी बेस्ड वाटर मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत है।

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