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HC में सुकेश चंद्रशेखर की याचिका पर दिल्ली पुलिस का तर्क- दोषी ठहराए जाने के बाद चुनौती देने का क्या मतलब?

Published: Mon, 31 Aug 2026 03:49 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने ठग सुकेश चंद्रशेखर की उस याचिका का विरोध किया है जिसमें उसने 2017 के भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपील की है।

ठग सुकेश चंद्रशेखर की याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है।

ठग सुकेश चंद्रशेखर की याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है।

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस ने सुकेश चंद्रशेखर की याचिका का विरोध किया।

  2. सुकेश ने न्यायिक पक्षपात आरोप पर टिप्पणी हटाने की मांग की।

  3. हाई कोर्ट ने सुकेश को याचिका की योग्यता साबित करने को कहा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 2017 में भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत के लिए खुद को सुप्रीम कोर्ट का एक जज बताकर एक विशेष न्यायाधीश को प्रभावित करने के मामले में दोषी करार दिए जाने के निर्णय के खिलाफ ठग सुकेश चंद्रशेखर की याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है।

टिप्पणियों को हटाने की मांग की

वहीं, हाई कोर्ट ने सोमवार को मामले पर सुनवाई के दौरान सुकेश चंद्रशेखर से कहा कि वे अपनी उस याचिका की योग्यता साबित करें। सुकेश ने न्यायिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए उसे दोषी ठहराते समय कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की है।

सुनवाई तीन नवंबर तक के लिए स्थगित

वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि दोषी ठहराए जाने के बाद याचिकाकर्ता को सजा सुनाई जा चुकी है। पुलिस ने कहा कि दोषसिद्धि के खिलाफ अपनी मांग पर जोर नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई तीन नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

मिला आठ साल का कठोर कारावास

बता दें कि दिल्ली की तीस हजारी अदालत की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने चंद्रशेखर को भारतीय दंड संहिता की धारा 170 के तहत दो साल का कठोर कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना, धारा 189 के तहत दो साल का कठोर कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 507 के तहत चार साल यानी कुल आठ वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है। 

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