दिल्ली में पेट्रोल पंप कर्मी की हत्या का पर्दाफाश, दोस्त की पत्नी पर थी नीयत; सुपारी देकर कराया कत्ल
पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार में पेट्रोल पंप कर्मी मनीष यादव की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। ...और पढ़ें
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दिल्ली में पेट्रोल पंप कर्मी की हत्या का खुलासा। जागरण
HighLights
सोनिया विहार में पेट्रोल पंप कर्मी मनीष यादव की हत्या।
दोस्त उमेश ने दो लाख में नाबालिगों से हत्या करवाई।
उमेश मनीष की पत्नी से शादी करना चाहता था।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में पेट्रोल पंप कर्मी मनीष यादव की हत्या करने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। हत्या उसके दोस्त ने ही दो नाबालिगों को दो लाख रुपये की सुपारी देकर करवाई थी।
पुलिस ने इस मामले में पेट्रोल पंप कर्मी व दोनों नाबालिगों के अलावा चार अन्य लोगों को पकड़ा है। जांच में पुलिस को पता चला है कि पेट्रोल पंप कर्मी की पत्नी के साथ आरोपी शादी करना चाहता था, जिससे उसकी शादी के पहले से ही दोस्ती थी।
पुलिस ने आरोपियों से पिस्टल, दो कारतूस और वारदात में इस्तेमाल एक बाइक बरामद की है। मृतक युवक की पत्नी की संलिप्तता की पुलिस फिलहाल जांच कर रही है।
तीन गोलियां मारकर हत्या
जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि सोनिया विहार इलाके में 13 अक्टूबर को पेट्रोल पंप कर्मी मनीष यादव की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस को इसकी सूचना मोहल्ले में ही रहने वाले विवेक नाम के युवक ने दी थी।
एसीपी संदीप लांबा की देखरेख में एएटीएस इंचार्ज दीपक पांडेय, हेड कॉन्स्टेबल पावित कसाना की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकार्ड की जांच की तो विवेक की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं।
पूछताछ में गुनाह स्वीकार किया
वहीं, जांच में ये भी पता चला कि वारदात से पहले उमेश नाम के व्यक्ति ने मनीष को काल की है, जबकि विवेक और मनीष के बीच कई बार लंबी बात हुई है। इसी आधार पर पुलिस ने विवेक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो गुनाह स्वीकार कर लिया।
2 लाख रुपये की दिलवाई थी सुपारी
वहीं, उसने बताया कि वारदात को मनीष के दोस्त उमेश उर्फ मयंक के इशारे पर अंजाम दिया है, जो पिज्जा डिलीवरी का काम करता है। उसने इसके लिए दो नाबालिग शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दिलवाई थी। हत्याकांड में उमेश के अलावा उसके साथी आनंद, नितिन उर्फ नरेंद्र और भीम सिंह भी शामिल थे।
इसके बाद पुलिस ने दो नाबालिगों सहित अन्य चारों को दबोच लिया। पूछताछ में उमेश ने पुलिस को बताया कि कुछ माह पूर्व उमेश और उसकी पत्नी के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद उसकी पत्नी मायके चली गई और तलाक का केस कर दिया।
इस पर उसने मनीष की हत्या कर उसकी पत्नी से शादी करने की साजिश रची। इसके लिए उसने दोस्त विवेक की मदद से नाबालिगों को सुपारी दी। इसके बाद 10 अक्टूबर को दोनों नाबालिग घात लगाए बैठे रहे, लेकिन मनीष घर से नहीं निकला। इस पर वारदात वाले दिन उसने ही फोन करके मनीष को बाहर बुलाया था।
