'24 घंटे में CJP नेताओं की रिहाई नहीं हुई तो करूंगा अनशन', सोनम वांगचुक ने दी चेतावनी
लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने CJP प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी पर केंद्र और प्रशासन पर सवाल ...और पढ़ें
HighLights
वांगचुक ने CJP प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए
भारत को "अघोषित आपातकाल" की स्थिति में बताया
नेताओं की रिहाई न होने पर अनशन की चेतावनी दी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CJP के प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने भारत को “अघोषित आपातकाल” की स्थिति में बताते हुए कहा कि अगर हिरासत में लिए गए नेताओं को कल तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करने के लिए मजबूर होंगे।
वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही प्रदर्शन के दौरान एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी।
उस वक्त उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति में पहुंच जाएगा।
उन्होंने लिखा कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कई नेताओं की मौजूदगी से वह आश्वस्त थे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा किया जाएगा।
INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY... Yesterday when I posted a message appealing for unity & peace in today's protest I had never imagined that the biggest democracy in the world would be under an undeclared EMERGENCY. I was happy there were so many leaders to lead the movement, but I now learn that they have all been arrested. I hope those arrested will be released soon. I will be compelled to consider an Anshan Fast or Padyatra March if they are not released by tomorrow. #JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 10, 2026
24 घंटे में रिहाई नहीं हुई तो अनशन या पदयात्रा
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि अगर नेताओं की रिहाई कल तक नहीं होती है, तो उन्हें अनशन या पदयात्रा का रास्ता अपनाने पर विचार करना पड़ेगा। उनकी इस चेतावनी से CJP के प्रदर्शन और उससे जुड़ी गिरफ्तारियों को लेकर आंदोलन के आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं।
यह घटनाक्रम 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के बीच सामने आया है। प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की हिरासत को लेकर संगठन और प्रशासन के बीच विवाद बना हुआ है। वांगचुक ने अपने संदेश में एकता और शांतिपूर्ण आंदोलन पर जोर दिया है।
