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सोनम वांगचुक को सोमवार को मिलेगी अस्पताल से छुट्टी, राजघाट जाकर महात्मा गांधी को देंगे श्रद्धांजलि

Published: Sun, 26 Jul 2026 08:13 PM (IST)

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलेगी, जिसके बाद वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और फिर लद्दाख रवाना होंगे।

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। एजेंसी

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। एजेंसी

HighLights

  1. सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलेगी।

  2. राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

  3. नीट अनियमितताओं के खिलाफ 26 दिन का अनशन समाप्त किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्लाइमेट एक्टिविस्ट और लद्दाख के प्रमुख आवाज सोनम वांगचुक सोमवार को अस्पताल से छुट्टी पाने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे वांगचुक को सुबह करीब 11:30 बजे डिस्चार्ज किया जाएगा। छुट्टी मिलते ही वह सबसे पहले राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, इसके बाद लद्दाख के लिए रवाना होंगे।

यह घटनाक्रम पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद आया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की थी। आंदोलन के दौरान लंबे समय तक अनशन पर रहे वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार देर रात उन्होंने अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त किया।

CJP ने प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर नीट में कथित अनियमितताओं की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग की थी। संगठन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से धर्मेंद्र प्रधान के हटने और अपनी अन्य मांगों पर केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद “अच्छी नीयत” से आंदोलन वापस लेने का फैसला किया।

वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने से पहले भी राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी। गांधी के अहिंसक संघर्ष के प्रति उनकी श्रद्धा इस बार भी दिखाई देगी।

आंदोलन की सफलता पर CJP कार्यकर्ताओं में खुशी है। उन्होंने इसे छात्रों और युवाओं की आवाज को मजबूत करने वाला कदम बताया। वांगचुक के लद्दाख लौटने के बाद स्थानीय मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा सुधार पर उनका फोकस बढ़ने की उम्मीद है।

उनके स्वास्थ्य में सुधार को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। राजधानी में चले इस आंदोलन ने परीक्षा सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। छात्र संगठन अब केंद्र सरकार से ठोस कार्ययोजना की मांग कर रहे हैं।