जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 की रैंकिंग में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने लंबी छलांग लगाई है। केंद्र सरकार द्वारा जारी रैंकिंग में दक्षिणी निगम को 32वां स्थान मिला है, जबकि इससे पहले वह 202वें स्थान पर काबिज था। इधर, बेहतर रैंकिंग प्राप्त करने पर निगम के नेताओं और अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है।

दक्षिणी निगम ने 170 अंकों की ऊंची छलांग का श्रेय अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया है। बकौल निगम, उन्होंने पहले नागरिकों को गंदगी न फैलाने के प्रति जागरूक किया। इसके बाद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरती गई। गत माह ही निगम ने गंदगी फैलाने के एवज में 25 हजार चालान काटे थे। इतना ही नहीं रेल पटरियों के किनारे खुले में शौच करने वालों को पहले रोको-टोको अभियान के तहत जागरूक किया गया। इसके बाद ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

:::::::::::::: सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करने पर होगा जोर

दक्षिणी निगम के मुताबिक, इस वर्ष वह स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष 10 में आने का प्रयास करेगा। इसके लिए लोगों को घर से ही सूखा एवं गीला कूड़ा अलग-अलग करने के प्रति जागरूक किया जाएगा और बाद में सख्ती भी की जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों को गीला कूड़ा हरे और सूखा कूड़ा नीले कूडे़दान में डालने के लिए जागरूक किया जाएगा। वहीं, आरडब्ल्यूए और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को स्वत: कूड़ा निस्तारण के लिए कहा जाएगा।

::::::::::::::::: ..तो इस कारण मिली बेहतर रैंकिंग

- 164 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया

- 34 नए सार्वजनिक शौचालय बनाए गए

- 369 भारतीय शैली के शौचालयों का निर्माण किया गया

- महिलाओं के लिए विशेष तौर पर गुलाबी शौचालय बनाए गए

- 6000 हजार निगम के पार्को में पत्तियों से खाद बनाने का कार्य होता है

- फ्लाईओवर के सुंदरीकरण से बढ़ा नागरिकों में भरोसा

- स्वच्छता एप में नागरिकों की प्रतिक्रिया से मिले सबसे ज्यादा अंक

- 2600 में 2196 अंक मिले नागरिकों के फीडबैक में

वर्जन

स्वच्छता को लेकर निगमायुक्त द्वारा देखा गया सपना पूरा हो गया है। इसके लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई। हमारी कोशिश शीर्ष 10 शहरों में आने की होगी। इसके लिए हम और मेहनत करेंगे। हमें उम्मीद है कि अगले वर्ष हमारी रैकिंग में और ज्यादा सुधार होगा।

- नरेंद्र चावला, महापौर, दक्षिणी निगम

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हमने शीर्ष 25 में आने का लक्ष्य रखा था, इसके लिए विभिन्न टीमें भी गठित की गई थी। साप्ताहिक बैठकों में समीक्षा से स्वच्छता पहल को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया गया। हम बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों की चुनौतियों के बावजूद बेहतर रैंकिंग लाने में सफल रहे। यह कामयाबी पूरी टीम की है।

- डॉ. पुनीत कुमार गोयल, निगमायुक्त, दक्षिणी निगम

स्वच्छता का सफर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम

वर्ष स्वच्छता रैंकिंग

2016 39

2017 202

2018 32 नई दिल्ली नगर पालिका परिषद

वर्ष स्वच्छता रैंकिंग

2016 4

2017 7

2018 4 उत्तरी दिल्ली नगर निगम

वर्ष स्वच्छता रैंकिंग

2016 43

2017 279

2018 206 पूर्वी दिल्ली नगर निगम

वर्ष स्वच्छता रैंकिंग

2016 52

2017 196

2018 341

Posted By: Jagran

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