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JNU में शरजील इमाम और उमर खालिद के पक्ष में लगे जमकर नारे, मोदी-शाह को लेकर क्या कहा?

Published: Tue, 06 Jan 2026 10:47 AM (IST)

जेएनयू में छात्र संघ और वामपंथी संगठनों ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के विरोध ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू, JNU) एक बार फिर छात्र आंदोलनों को लेकर चर्चा में है। पांच जनवरी की रात जेएनयू परिसर में जेएनयू छात्र संघ और वामपंथी छात्र संगठनों ने प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

बता दें कि साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात तक नारेबाजी और हंगामे का माहौल बना रहा। इस प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है।

प्रदर्शन के दौरान ‘न्याय दो’ और ‘रिहाई दो’ जैसे नारे गूंजते रहे। यह नारे सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए गए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

इस फैसले से नाराज छात्रों ने दोनों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने 'मोदी और अमित शाह की कब्र खुदेगी जेएनयू की धरती पर' जैसे नारे भी लगे।

प्रदर्शन को पांच जनवरी 2020 की हिंसा से भी जोड़ा गया। छह साल पहले इसी दिन जेएनयू परिसर में नकाबपोश हमलावरों द्वारा छात्रों और शिक्षकों पर किए गए हमले की बरसी मनाई गई। जेएनयू शिक्षक संघ और छात्र संघ ने इसे ‘क्रूर हमले’ की बरसी बताते हुए साबरमती हॉस्टल के पास ‘गुरिल्ला ढाबा’ लगाकर विरोध दर्ज कराया। छात्रों का सवाल था कि छह साल बाद भी हमलावरों की पहचान क्यों नहीं हो पाई।

इस बीच, विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली। छात्र नेताओं का आरोप है कि इससे कैंपस में निगरानी और ‘जासूसी’ का माहौल बनाया जा रहा है।

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वहीं, दिल्ली पुलिस के साउथ वेस्ट जिले के डीसीपी ने स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, साबरमती हॉस्टल से सामने आए वीडियो और तस्वीरें कैंपस में बढ़ते तनाव की ओर इशारा कर रही हैं।