दिल्ली में सफाई के दौरान कबाड़ के बीच मिला कंकाल, एक स्कूल से जुड़े तार; असली है या बायोलॉजी डमी?
सेंट्रल दिल्ली में सफाई अभियान के दौरान कबाड़ में एक कंकाल मिला, जिससे हड़कंप मच गया। पुलिस जांच कर रही ...और पढ़ें

कंकाल की जांच करता पुलिस वाला। फोटो: एएनआई
HighLights
सफाई अभियान के दौरान सेंट्रल दिल्ली में कबाड़ में कंकाल मिला।
पुलिस जांच कर रही है कि यह मानव कंकाल है या डमी मॉडल।
कबाड़ कारोबारी और स्कूल प्रशासन से पूछताछ जारी है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मध्य दिल्ली में शनिवार को चलाए गए सफाई अभियान के दौरान कबाड़ में कंकाल जैसा ढांचा मिलने से अफरा-तफरी मच गई।
सफाई कर्मचारियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ढांचे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद वस्तु असली मानव कंकाल है या स्कूलों में पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला डमी।
सफाई अभियान में कबाड़ से मिला
सफाई अभियान के दौरान कबाड़ की छंटाई करते समय कर्मचारियों की नजर कंकाल जैसे ढांचे पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और वस्तु को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि यह कंकाल जैसा ढांचा एक कबाड़ व्यापारी के पास पहुंचा था। आशंका है कि कबाड़ व्यापारी को यह सामान किसी स्कूल से मिला होगा।
स्कूल के जैविक कचरे की आशंका
पुलिस को आशंका है कि बरामद ढांचा किसी स्कूल का जैविक कचरा हो सकता है। इसे सैंपलिंग या विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
इसी वजह से पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद ढांचा किसी शैक्षणिक मॉडल का हिस्सा है या वास्तव में मानव कंकाल है।
कबाड़ व्यापारी से हो रही पूछताछ
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ढांचे के स्रोत का पता लगाने के लिए कबाड़ व्यापारी से पूछताछ की जा रही है।
इसके साथ ही संबंधित स्कूल प्रशासन से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्कूल में इस तरह का कोई शैक्षणिक मॉडल या जैविक नमूना मौजूद था या नहीं और वह कबाड़ के साथ व्यापारी तक कैसे पहुंचा।
जांच पूरी होने पर साफ होगी स्थिति
फिलहाल पुलिस ने बरामद ढांचे को मानव कंकाल मानकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। इसकी प्रकृति और स्रोत की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मानव कंकाल है या पढ़ाई-लिखाई में इस्तेमाल होने वाला डमी।
