‘उसे निपटा दिया…’ 12 साल के मासूम की हत्या, सौतेले बाप ने पत्नी से वीडियो कॉल पर कहा- जा उठा ले अपना बच्चा
पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क में एक नाबालिग का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। शरीर पर चोट के ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में एक सौतेले पिता ने नुकीले हथियार से वार करके 12 साल के बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी को वीडियो कॉल करके बच्चे का शव दिखाया और लोकेशन बताकर कहा, जा उठा ले अपना बच्चा निपटा दिया उसको। कॉल काटने के बाद आरोपी फरार हो गया।
मृतक की पहचान अल्तमश के रूप में हुई है। मृतक की मां मुमताज की शिकायत पर शास्त्री पार्क थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। फरार आरोपी वाजिद की तालाश में पुलिस छापामारी कर रही है।

वसी का फाइल फोटो। जागरण
शास्त्री पार्क में रहता था अल्तमश
अल्तमश अपने परिवार के साथ शास्त्री पार्क में रहता था। परिवार में मां मुमताज, बड़ा भाई अमन, वसी और सौतेला पिता वाजिद है। मृतक की बहन ईरम ने बताया कि वर्ष 2019 में उनके पिता शफीक की मौत हो गई थी। कुछ माह बाद ही मां ने वाजिद से निजामुद्दीन में निकाह कर लिया था।
बताया कि वाजिद पहले से शादीशुदा था। वाजिद रिक्शा चलाता है। पिछले एक सप्ताह से मुमताज और उसके पति में झगड़ा चल रहा था। इससे परेशान होकर महिला अकेले अपनी बहन के घर जाकर रहने लगी।
ईरम ने बताया कि गुरुवार को उनके दोनों छोटे भाई अल्तमश व वसी शास्त्री पार्क में स्कूल गए थे। शाम को छुट्टी के दौरान वाजिद रिक्शा लेकर स्कूल पहुंचा। दोनों सौतेले बच्चों को रिक्शे में बैठा लिया और उन्हें शास्त्री पार्क लालबत्ती के पास ले गया।
बड़े बेटे को रिक्शा में छोड़ छोटे बेटे को दिखाने ले गया चूहा
बताया कि बड़े बेटे को रिक्शा में बैठे रहने दिया और छोटे बेटे को यह कहकर झाड़ियों में ले गया कि चूहे दिखाऊंगा। एक घंटे के बाद झाड़ियों से अकेला वापस लौटा। जब बड़े बेटे ने पूछा कि अल्तमश कहां है तो उसने कहा वह घर गया। तुम भी चले जाओ।

ईरम ने बताया कि शाम सात बजे तक भी जब अल्तमश नहीं पहुंचा तो परिवार ने उसे तलाश करना शुरू किया। आरोप है कि शुक्रवार सुबह छह बजे वाजिद ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल करके कहा कि तेरे बेटे को मार दिया, जा झाड़ियों से उसका शव उठा ला।

परिवार जब झाड़ियों में पहुंचा तो शव मिला। शरीर पर नुकीले हथियार से वार के निशान थे। आशंका है कि पत्थर से सिर पर वार किए गए। बच्चे का चेहरा बिल्कुल खराब था। स्कूल की वर्दी व आईकार्ड से परिवार ने बच्चे की पहचान की।
