दिल्ली में 16 साल की मेड पर बर्बरता, कभी प्रेस से दागा तो कभी चाकू से दिए जख्म; दास्तान सुन कांप उठेगी रूह
दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में एक 16 वर्षीय किशोरी को घरेलू काम में बर्बरता का शिकार बनाया गया, जहां ...और पढ़ें
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किशोरी के हाथ पर जलाने के निशान। सौ. वीडियो ग्रैब
HighLights
दक्षिणी दिल्ली में 16 वर्षीय घरेलू सहायिका पर बर्बरता का मामला।
किशोरी को गर्म प्रेस से दागा, चाकू से जख्मी किया गया।
श्रम विभाग, पुलिस ने किशोरी को मुक्त कराया, FIR दर्ज।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली में शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव स्थित एक फ्लैट की चारदीवारी के भीतर एक साल तक 16 साल की किशोरी ने खुद पर बर्बरता की कहानी सुनाई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।
किशोरी का आरोप है कि घरेलू काम में जरा सी चूक होने पर उसे गर्म प्रेस से दागा जाता था और चाकू से वार कर जख्मी किया जाता था। सुबह छह बजे से रात दो बजे तक लगातार काम कराने के बावजूद उसे भरपेट खाना तक नसीब नहीं होता था। खाने में बचा हुआ भोजन दिया जाता था।
महज 18 हजार रुपये दिए
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की मजबूरी का फायदा उठाकर किशोरी को काम पर लगाया गया, लेकिन मेहनताना भी एकमुश्त नहीं मिला। कभी 500 तो कभी 1000 रुपये करके पूरे साल में महज 18 हजार रुपये दिए गए। तीन और चार नवंबर की रात श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस और स्वयंसेवी संस्था की संयुक्त टीम ने उसे मुक्त कराया। मामले में आरोपित महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस और प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, घटना शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव पार्ट-2 स्थित मकान की तीसरी मंजिल के फ्लैट की है। पीड़िता पिछले एक साल से इस मकान में आरोपी महिला सदफ के यहां घरेलू सहायक के रूप में रखी गई थी।
हर दिन यातनाएं सहने को मजबूर
पीड़िता के स्वजन ने उसे काम पर रखा था, लेकिन घर के भीतर उसके साथ दरिंदगी का खेल खेला जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर उसे पीटा जाता था, गर्म कपड़ों की प्रेस से शरीर को दागा जाता था और चाकू से हमला कर जख्मी कर दिया जाता था। पिछले एक साल से किशोरी बाहरी दुनिया से कटी हुई इस खौफनाक कैद में हर दिन यातनाएं सहने को मजबूर थी।
किशोरी को उसकी मां से मिलने तक नहीं दिया जाता था। इसकी भनक जब एसोसिएशन फार वालंटरी एक्शन को लगी, तो उन्होंने तुरंत प्रशासन से गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कालकाजी वेद प्रकाश मीणा ने तुरंत संज्ञान लिया और छापामारी की गई। टीम जब फ्लैट में दाखिल हुई, तो किशोरी की बदहवास हालत और शरीर पर चोट के निशान देखकर हर कोई दहल गया। टीम ने बिना देरी किए किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
एसडीएम के समक्ष दर्ज हुए बयान
रेस्क्यू के बाद किशोरी को सुरक्षित लाकर एसडीएम कालकाजी के समक्ष पेश किया गया, जहां उसका बयान दर्ज किया गया। पीड़िता की सुरक्षा को देखते हुए उसे महिला हेड कांस्टेबल की निगरानी में वन स्टाप सेंटर लाजपत नगर भेजा गया है। किशोरी का विस्तृत मेडिकल चेकअप और इलाज कराया जा रहा है।
मामले में शाहीन बाग थाना पुलिस ने चार नवंबर को आरोपित महिला सदफ के खिलाफ बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा बाल न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 (बच्चे के प्रति क्रूरता) और धारा 79 (बाल श्रम/शोषण) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
आत्मनिर्भर बनने का कायम है जज्बा
एक साल तक यातनाएं झेलने के बावजूद किशोरी के भीतर आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का जज्बा कायम है। बाल कल्याण समिति के समक्ष दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि वह अपने ऊपर अत्याचार करने वाली महिला को सख्त सजा दिलाना चाहती है। उसने कहा कि वह बड़ी होकर शिक्षिका बनना चाहती है।
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