CBSE का तीन भाषा वाला नियम बदलेगा? सुप्रीम कोर्ट का केंद्र, NCERT और बोर्ड को नोटिस, क्यों हो रहा इसका विरोध
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की कक्षा 9 के लिए तीन भाषा नीति को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर केंद्र, ...और पढ़ें

सीबीएसई की नीति को चुनौती देने वाली दो नई याचिकाओं पर केंद्र सरकार, एनसीईआरटी और सीबीएसई से जवाब मांगा है। एआई इमेज
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की त्रिभाषा नीति पर केंद्र से जवाब मांगा।
याचिकाकर्ताओं ने किताबों और शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई।
कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य की गई हैं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं (जिनमें कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं) पढ़ना अनिवार्य करने वाली सीबीएसई की नीति को चुनौती देने वाली दो नई याचिकाओं पर केंद्र सरकार, एनसीईआरटी और सीबीएसई से जवाब मांगा है।
अगली सुनवाई 29 जुलाई को
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर और गोपाल शंकरनारायणन की दलीलों पर संज्ञान लिया और केंद्र व अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर 10 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को करेगी।
किसने दी हैं याचिकाएं?
नई याचिकाएं अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी द्वारा दायर की गई हैं। इनमें केंद्र सरकार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को पक्षकार बनाया गया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि माता-पिता और स्कूल पुस्तकों की भारी कमी तथा अचानक लागू किए गए बोझ की शिकायत कर रहे हैं। आनंद ग्रोवर ने दलील दी, "वे आरटीई कानून के खिलाफ अवैध सर्कुलर लागू कर रहे हैं। वे बिना विकल्प दिए भाषाएं थोप रहे हैं। अगर संस्कृत के बिना पंजाबी पढ़ाई जाएगी तो शिक्षक कहां से आएंगे?"
शिक्षक और बुनियादी ढांचा कहां से आएगा?
गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि एक राज्य ने जुलाई तक सभी पुस्तकें उपलब्ध कराने का दावा किया है, लेकिन 22 भाषाओं में से केवल तीन की पुस्तकें ही उपलब्ध हैं। इससे शिक्षकों की कमी भी पैदा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अंग्रेजी को गैर-मूल भाषा माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, "एक बच्चा अंग्रेजी और फ्रेंच पढ़ रहा है, अचानक कक्षा 9 के 14 वर्षीय छात्र को तमिल सीखने को कहा जा रहा है। शिक्षक और बुनियादी ढांचा कहां से आएगा?"
छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य
पीठ ने कहा, "हम नोटिस जारी कर रहे हैं। इस बीच जवाब दाखिल करें।" इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से सीबीएसई की लॉजिस्टिकल तैयारियों पर रिपोर्ट मांगी थी। मुकुल रोहतगी ने बताया कि सीबीएसई ने पूरे देश में एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें अगले शैक्षणिक सत्र से छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य है।
क्या है त्रिभाषा पर सीबीएसई का सर्कुलर?
1 जुलाई से कक्षा 9 में तीन भाषाएं (आर1, आर2, आर3) अनिवार्य हैं। इनमें कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप है। विदेशी भाषा केवल तीसरी भाषा के रूप में या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में चुनी जा सकती है। बोर्ड ने कहा है कि आर3 की परीक्षा कक्षा 10 में नहीं होगी। पुस्तकें उपलब्ध न होने तक कक्षा 6 की आर3 पुस्तकों (2026-27 संस्करण) का उपयोग किया जाएगा।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।