'पति के हमले में घायल महिला वकील की बेटियों की पढ़ाई का उठाएं पूरा खर्च', सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि पति के हमले में घायल महिला वकील की बेटियों की ...और पढ़ें
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि पति के हमले में घायल महिला वकील की बेटियों की शिक्षा का इंतजाम करे। फाइल फोटो
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह पति द्वारा किए गए कातिलाना हमले में घायल महिला वकील की 12 वर्ष और चार वर्ष की दोनों बेटियों की शिक्षा का इंतजाम करे। कोर्ट ने सरकार से बच्चियों के स्कूल में एडमीशन, फीस आदि सभी तरह के इंतजाम करने के आदेश दिये हैं।
इसके साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जल्दी ही मामले की जांच पूरी करने को कहा है। ये आदेश प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को दिए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दिल्ली की एक महिला वकील पर उसके पति द्वारा कथित तौर पर किये गए क्रूर कातिलाना हमले पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की वकील स्नेहा कालिता ने सीजेआइ को पत्र लिख कर मामले पर संज्ञान लेने और उचित आदेश देने का अनुरोध किया था जिस पर कोर्ट ने गत 27 अप्रैल को पीडि़त महिला के इलाज, उसे तत्काल तीन लाख की आर्थिक मदद और तीनों बच्चियों की कस्टडी के बारे में निर्देश दिये थे।
साथ ही दिल्ली पुलिस से मामले की जांच की स्थित रिपोर्ट मांगी थी। उन तीन अस्पतालों की भी जांच और रिपोर्ट मांगी थी जिन्होंने घायल महिला को भर्ती करने से मना कर दिया था।सोमवार को जब मामला सुनवाई पर आया तो दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर जांच की प्रगति बताई।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडीशनल सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जांच पूरी करने के लिए कुछ समय दिये जाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मामले में न्यायमित्र वकील स्नेहा कालिता ने भी कोर्ट से बच्चियों की पढ़ाई का इंतजाम किए जाने का अनुरोध किया। और दादा-दादी के साथ रह रहीं चार और एक वर्ष की बेटियों की कस्टडी मां को सौंपे जाने का आग्रह किया।
सबसे बड़ी तीसरी बेटी मां के साथ मामा के परिवार में रह रही है।कोर्ट ने स्थिति रिपोर्ट देखने के बाद दादा-दादी के पास रह रहीं दोनों बच्चियों की कस्टडी मां को सौंपने का आदेश दिया इसके साथ ही पीडि़त महिला की 12 वर्षीय बड़ी बेटी और चार वर्षीय दूसरी बेटी की शिक्षा के इंतजाम करने के दिल्ली सरकार को निर्देश दिये।
कोर्ट ने दोनों बच्चियों के स्कूल में एडमीशन, उनकी यूनीर्फाम, किताबों आदि का खर्च देने के साथ ही नियमों के मुताबिक छात्रवृति भी देने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जल्दी जांच पूरी करने को कहा है। कोर्ट ने पुलिस को महिला और बच्चों की सुरक्षा का भी ख्याल रखने को कहा है।
इसके अलावा घायल महिला का इलाज करने से मना करने वाले अस्पतालों के बारे में सक्षम अथारिटी द्वारा उचित कार्रवाई करने को भी कहा है।
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