युवराज हत्याकांड: गुरुग्राम पुलिस की लापरवाही पर साकेत कोर्ट सख्त, जांच के आदेश और मेडिकल अधिकारी तलब
साकेत कोर्ट ने युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड में गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई में चूक की जांच के आदेश दिए हैं। ...और पढ़ें

युवराज सिंह मनचंदा।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। निजी रियल एस्टेट कंपनी के सेल्स मेनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के मामले में मंगलवार को साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई में चूक की जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने शव की जानकारी जिपनेट पर अपलोड करने में छह दिन की देरी, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी नहीं कराने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के पालन न होने को लेकर ये निर्देश दिए हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने सिविल अस्पताल, गुरुग्राम के मेडिकल अधिकारी को 15 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई विसंगतियों पर लिखित स्पष्टीकरण भी देना होगा।
मामले में युवराज का शव 10 सितंबर को बरामद हुआ था और परिवार के अनुसार उसकी फोटो व विवरण 16 सितंबर को जिपनेट पर अपलोड किए गए, जबकि 14 सितंबर को ही अज्ञात के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने शव के साथ मिले सामान को सुरक्षित नहीं रखने और विसरा सुरक्षित नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्टों में भी अंतर है। एक में गोली लगने के निशान का उल्लेख है, जबकि दूसरी में मौत का कारण पानी में डूबने से दम घुटना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक मामले में आन्या वत्स और संयम सचदेवा आरोपित हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
