2020 गोलीकांड: दिल्ली दुकानदार पर फायरिंग मामले में तीन आरोपी बरी, शिकायतकर्ता ने कोर्ट में नहीं की पहचान
साकेत कोर्ट ने 2020 के हत्या के प्रयास मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। शिकायतकर्ता के बयान ...और पढ़ें

बयान से मुकरा शिकायतकर्ता। फाइल फोटो
HighLights
साकेत कोर्ट ने हत्या के प्रयास के तीन आरोपी बरी किए।
शिकायतकर्ता अपने बयान से मुकरा, हमलावरों की पहचान नहीं कर पाया।
अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश करने में विफल रहा।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। साकेत कोर्ट ने 2020 में एक दुकानदार की हत्या की कोशिश के आरोपी तीन लोगों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि वे ही हमलावर थे, क्योंकि शिकायतकर्ता अपने बयान से मुकर गया और उनमें से किसी की भी पहचान नहीं कर पाया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समर विशाल, सुनील उर्फ भूरी, धीरज और भूपेंद्र के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे थे। इन पर 24 जुलाई 2020 को संगम विहार में हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में हत्या की कोशिश का मामला चल रहा था।
नौ जून के आदेश में कोर्ट ने कहा कि आपराधिक कानून का यह एक बुनियादी सिद्धांत है कि शक, चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता। अभियोजन पक्ष को अपने दम पर खड़ा होना होगा और बिना किसी उचित संदेह के आरोप साबित करने होंगे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपितों का पहले शिकायतकर्ता नवीन कुमार के साथ झगड़ा हुआ था क्योंकि उसने बिना पैसे लिए कपड़े देने से इनकार कर दिया था।
आरोप है कि बाद में तीनों ने उसकी दुकान पर पत्थर फेंके और सुनील ने उसे मारने के इरादे से देसी पिस्तौल से गोली चलाई और फिर बाइक से भाग गया। हालांकि सुनवाई के दौरान नवीन कुमार ने गवाही दी कि उसने गोलीबारी होते हुए नहीं देखा और शोर-शराबा सुनकर ही बाहर आया था।
उसने अदालत को बताया कि लोगों ने उसे घटना के बारे में बताया और साफ तौर पर कहा कि उसने आरोपियों को पहले कभी नहीं देखा था। उसने पुलिस के सामने उन पर आरोप लगाने या जांच के दौरान उनकी पहचान करने की बात से भी इनकार किया।
