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सैदुलाजाब इमारत हादसा: भवन स्वामी करमवीर जेलदार तीन दिन की पुलिस हिरासत में

By Rais Rais Edited By: Sonu Suman
Published: Wed, 03 Jun 2026 06:27 AM (IST)

सैदुलाजाब इमारत ढहने के मामले में गिरफ्तार भवन स्वामी करमवीर जेलदार को साकेत कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस हिरासत ...और पढ़ें

सैदुलाजाब गांव में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना में गिरफ्तार भवन स्वामी करमवीर जेलदार को जमानत नहीं।

सैदुलाजाब गांव में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना में गिरफ्तार भवन स्वामी करमवीर जेलदार को जमानत नहीं।

HighLights

  1. भवन स्वामी करमवीर जेलदार को किया गया गिरफ्तार।

  2. साकेत कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस हिरासत दी।

  3. हादसे में छह की मौत, आठ लोग घायल हुए।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। सैदुलाजाब गांव में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना में गिरफ्तार भवन स्वामी करमवीर जेलदार को मंगलवार को साकेत कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने इस मामले में कर्मवीर से आगे की पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत मांगी।

प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट निर्मला सिंह ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आरोपित को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सैदुलाजाब वेस्टएंड मार्ग के गली नंबर पांच स्थित मकान नंबर 145 विगत 30 मई की शाम को ढह गई थी। हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि आठ घायल हुए थे।

बिल्डर मनीष खत्री और ठेकेदार सिराज अब भी फरार 

घटना तीसरे दिन पुलिस ने 71 वर्षीय करमवीर जेलदार को गिरफ्तार किया था। वहीं हादसे से जुड़े बिल्डर मनीष खत्री और ठेकेदार सिराज अब भी फरार हैं। आरोपितों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने पांच दिन की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि इमारत के स्वामित्व के रिकॉर्ड को सत्यापित करने और इस मामले में कथित तौर पर शामिल अन्य फरार व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आरोपित से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

भवन का निर्माण कथित तौर पर अवैध रूप से किया गया

जांच अधिकारी ने अदालत को सूचित किया कि संपत्ति के स्वामित्व संबंधी विवरण की पुष्टि उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के माध्यम से की जानी आवश्यक है। पुलिस ने आगे बताया कि भवन का निर्माण कथित तौर पर पिछले बिल्डर द्वारा अवैध रूप से किया गया था और पूछताछ के दौरान आरोपित से बिल्डर और निर्माण से संबंधित परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जानी आवश्यक है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, भवन के स्वामित्व की श्रृंखला स्थापित करने, संबंधित अभिलेखों का सत्यापन करने और संरचना के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच आवश्यक है। कर्मवीर की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन उपस्थित हुए और उन्होंने कहा कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) लगाई है।

उनके संलिप्त होने का कोई सबूत नहीं है। यह इमारत घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है। दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने आगे की जांच में सुविधा प्रदान करने के लिए करमवीर को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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