दिल्ली के जापानी पार्क में सीता हरण के मंचन के दौरान 'रावण' के खिलाफ एकजुट हुए दर्शक, बुराई से लड़ने का दिया संदेश
रोहिणी के जापानी पार्क में रामलीला के सीता हरण मंचन के दौरान दर्शकों ने सीता हरण के दौरान रावण का ...और पढ़ें

मंचन के दौरान रावण का विरोध करते लोग, जागरण।
HighLights
रोहिणी रामलीला में सीता हरण का मंचन।
दर्शक जटायु बनकर रावण का विरोध करते दिखे।
बुराई के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया गया।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। रोहिणी के जापानी पार्क में लंकापति जैसे ही माता सीता का हरण करके ले जाने लगे तो जटायु का मंचन कर रहे कलाकार के साथ आम दर्शक भी जटायु बन कर रावण का विरोध करने लगे।
रावण और दर्शकों के बीच विरोध के चलते एकाएक परिसर में सन्नाटा पसर गया, हालांकि बाद में सामान्य हो गया। यह दृश्य रोहिणी धार्मिक सभा रामलीला कमेटी के मंच पर देखने को मिला।
लोगों ने दी तीखी प्रतिक्रिया
रामलीला के मंच पर सीता हरण का मंचन चल रहा था। बुजुर्ग जटायु ने रावण का विरोध करना शुरू किया, तो लीला देख रहे दर्शकों में भी उत्साह भर गया और वे भी जटायु का साथ देते हुए रावण का विरोध करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से जहां कुछ उत्साह में आये तो कुछ दर्शक हतप्रभ रह गए।
जनता को एक साथ आने का संदेश
जब माहौल सामान्य हुआ तो कमेटी के प्रमुख सलाहकार अतुल सिंघल ने बताया कि समाज में आतंकवाद और बढ़ रही अन्य बुराइयों को रोकने के लिए जनता को एक साथ आने का संदेश देने के लिए यह विरोध का दृश्य रामलीला के मंचन में जोड़ा गया था।
इसका उद्देश्य यह संदेश देना था कि अगर बुराई के खिलाफ समाज के लोग एक हो जाएं तो रावण जैसे महाबली को भी रोका जा सकता है।
मूल प्रसंग से छेड़छाड़ संभव नहीं
रामलीला के मूल प्रसंग में छेड़छाड़ संभव नहीं है, इसलिए लीला में रावण जटायू समेत सभी विरोधियों को हराकर माता सीता का हरण कर ले जाता है। कमेटी के प्रधान एडवोकेट मनोज मित्तल का कहना है कि रोहिणी की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित रामलीला के माध्यम से दर्शकों को हमेशा कोई ना कोई संदेश देने का प्रयास किया जाता है।
