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दिल्ली की रोहिणी जेल में कैदी का मर्डर, बर्तन से बनाए हथियार से गर्दन पर वार; वर्चस्व की जंग में हत्या

Published: Tue, 22 Sep 2026 01:09 PM (IST)

रोहिणी की सेंट्रल जेल नंबर-10 में एक विचाराधीन कैदी प्रदीप उर्फ मोहिंदर बागड़ी की बर्तन से बने धारदार हथियार से ...और पढ़ें

कैदी प्रदीप। फोटो: फाइल

कैदी प्रदीप। फोटो: फाइल

HighLights

  1. रोहिणी जेल में विचाराधीन कैदी प्रदीप की हत्या

  2. बर्तन से बने धारदार हथियार से किया गया हमला

  3. जेल सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर गंभीर सवाल

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। रोहिणी की सेंट्रल जेल नंबर-10 में सोमवार को दोपहर एक विचाराधीन कैदी की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान प्रदीप उर्फ मोहिंदर बागड़ी (31) के रूप में हुई है। वह बैरक नंबर-203 में न्यायिक हिरासत में बंद थे।

बैरक की ओर लौटते समय दो साथी कैदियों ने प्रदीप की गर्दन पर बर्तन से बनाए गए धारदार हथियार से हमला कर दिया। सूत्रों के अनुसार यह हथियार जेल के ही बर्तन से बनाया गया था और वर्चस्व की लड़ाई थी। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर जेल में सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।

बर्तन से बनाए हथियार से हमला

हमले में गंभीर रूप से जख्मी प्रदीप को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। समयपुर बादली थाना पुलिस ने इस मामले में दो कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डीसीपी शोभित डी. सक्सेना के अनुसार, समयपुर बादली थाना पुलिस को जेल से घायल कैदी को अस्पताल ले जाने और उसकी मौत होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने जेल परिसर से साक्ष्य जुटाए हैं। वारदात वाले स्थान के आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि जेल में प्रतिबंधित वस्तु कैसे पहुंची।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने जेल परिसर से वर्तन से हस्तनिर्मित हथियार भी कब्जे में लिया है। इसे तैयार करने तथा जेल में रखने से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपित कैदियों को हिरासत में ले लिया है।

कहासुनी के बाद हुआ हमला

सामने आया है कि प्रदीप की दोपहर बैरक की ओर लौटते वक्त कुछ कैदियों से कहासुनी हुई थी। इसके बाद हाथापाई हुई और उस पर अचानक हमला किया गया। शोर सुनकर आसपास मौजूद कैदियों ने जेल प्रशासन को सूचना दी।

मृतक प्रदीप करीब डेढ़ वर्ष से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। वह मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला था और नारायणा में परिवार के साथ रहता था।

गैंग विवाद की भी जांच

ज्ञात हो कि पूर्व में भी दिल्ली की जेलों में कैदियों की हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यहां गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ जेल में प्रतिद्वंद्वी कैदियों ने हत्या कर दी थी। सूत्रों के अनुसार प्रदीप उर्फ महेंद्र का मुकेश व भोला गिरोह के सदस्यों से जेल में विवाद हुआ था।

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