चुनाव ड्यूटी में शामिल पुलिसकर्मियों को भत्ता भुगतान में कितनी लापरवाही होती है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल अप्रैल में नगर निगम चुनाव में ड्यूटी करने वाले कई पुलिसकर्मियों को अब तक मेहनताना नहीं मिला है। चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बदले उन्हें भत्ता मद में मात्र डेढ़ सौ रुपये मिलते हैं लेकिन यह राशि भी करीब ढाई हजार पुलिसकर्मियों को डेढ़ साल से नहीं मिल पाई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि चुनाव आयोग से पूरा फंड नहीं आ पाया है। इस वजह से कुछ कर्मियों का भत्ता रुक गया है। फंड जारी होते हुए उन्हें भत्ता दे दिया जाएगा। यह जानकारी एक आरटीआइ अर्जी से मिली है।

पब्लिक प्रोटेक्शन मूवमेंट आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष जीशान हैदर की तरफ से लगाई गई आरटीआइ अर्जी के जवाब में दिल्ली पुलिस ने बताया कि नगर निगम चुनाव में पूरी दिल्ली में 55750 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें से 53191 पुलिसकर्मियों को भत्ता दिया जा चुका है। फिलहाल 2559 पुलिसकर्मियों को उनका भत्ता नहीं मिल पाया है। इस हिसाब से चुनाव आयोग पर दिल्ली पुलिस का 3,83,850 रुपये बकाया है। दिल्ली पुलिस के जन सूचना अधिकारी विक्रम के पोरवाल ने जवाब में कहा है कि राज्य चुनाव आयोग की तरफ से फंड जारी होने के बाद पुलिसकर्मियों को भत्ता दे दिया जाएगा।

नगर निगम चुनाव 23 अप्रैल, 2018 को हुए थे। इसके बाद 26 अप्रैल को मतगणना हुई थी। दोनों दिन इन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी थी। पुलिसकर्मियों को भत्ते के साथ भोजन दिया जाता है।

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आधे से ज्यादा सरकारी आवास जर्जर

इसी आरटीआइ अर्जी में पुलिसकर्मियों के आवास से भी संबंधित एक सवाल पूछा गया था लेकिन इसमें सभी जगहों का आंकड़ा नहीं दिया गया। सिर्फ प्रथम वाहिनी की तरफ से जवाब आया है। इसके मुताबिक न्यू पुलिस लाइन, ¨कग्सवे कैंप में कुल 995 सरकारी आवास हैं। इसमें 552 आवास जर्जर हो चुके हैं, जिनके पुनर्निर्माण के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा 187 आवास खाली पड़े हैं।

Posted By: Jagran