'बहू प्रिया ने शोक के 13 दिन में किया पूरा खेल', दिल्ली HC में संजय कपूर की मां का आरोप
संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ...और पढ़ें

दिल्ली हाईकोर्ट। सोशल मीडिया
HighLights
रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
बहू प्रिया कपूर पर फर्जी ट्रस्ट से संपत्ति हड़पने का आरोप
सोना ग्रुप की हिस्सेदारी भी अवैध रूप से हस्तांतरित की गई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि उनकी बहू प्रिया कपूर ने परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर एक फर्जी ट्रस्ट का इस्तेमाल करके उनकी पूरी जायदाद, पारिवारिक विरासत और सोना ग्रुप की खास कंपनियों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी को गैर-कानूनी तरीके से दूसरी जगह कर दिया है।
रानी कपूर ने इस मामले में 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें प्रिया कपूर, उनके बेटे, करिश्मा कपूर के बच्चे, उनकी बेटी मंधिरा कपूर स्मिथ और उनके दो बच्चे सहित अन्य शामिल हैं।
उन्होंने ट्रस्ट को खत्म करने, एसेट्स वापस करने, अकाउंट्स वापस करने और डिफेंडेंट को विवादित ट्रस्ट पर काम करने या उससे फायदा उठाने से रोकने के लिए परमानेंट रोक लगाने की भी मांग की है।
शिकायत के अनुसार, रानी कपूर अपने स्वर्गीय पति डॉ. सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की अकेली बेनिफिशियरी और वारिस हैं, जिनका जून 2015 में निधन हो गया था। वे सोना ग्रुप के फाउंडर और प्रमोटर थे।
बताया कि डॉ. कपूर ने छह फरवरी, 2013 को एक वसीयत बनाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी सारी चल और अचल संपत्ति सिर्फ अपनी पत्नी के नाम कर दी थी। बताया कि सोना ग्रुप की कंपनियों में उनकी शेयरहोल्डिंग भी शामिल है। साथ ही बताया कि जनवरी 2016 में संजय कपूर समेत उनके तीनों बच्चों की तरफ से बिना किसी आपत्ति के वसीयत को सही तरीके से प्रोबेट किया गया था।
प्रिया कपूर पर लगाए गंभीर आरोप
संजय कपूर की मौत के बाद रानी कपूर ने बहू प्रिया कपूर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि संजय कपूर की मौत के कुछ ही दिनों के अंदर यानी शोक के समय के दौरान प्रिया कपूर ने बिना किसी नोटिस या प्लेनटिफ की सहमति के सोना ग्रुप की मुख्य कंपनियों में जरूरी मैनेजरियल और बोर्ड-लेवल के पद हासिल करने के लिए तेजी से कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इससे कंट्रोल को मजबूत करने की पहले से प्लान की गई कोशिश का पता चलता है।
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30,000 करोड़ की संपत्ति पर विवाद
संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद और गहरा गया। इससे पहले संजय कपूर के बच्चों ने वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि इसका कोई सबूत नहीं है। संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने वसीयत पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि यह उनके पिता द्वारा नहीं लिखी गई थी, क्योंकि इसमें उनके नाम के लिए स्त्रीवाचक सर्वनाम का प्रयोग किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मूल प्रश्न यह है कि क्या संजय कपूर ने वसीयत पर हस्ताक्षर किए थे या किसी महिला ने। प्रिया कपूर पर तीखा हमला करते हुए, संजय कपूर के बच्चों ने उन्हें जुआरी कहा। जेठमलानी ने न्यायमूर्ति त्योति सिंह की पीठ के समक्ष तर्क दिया कि जिस वसीयतनामे पर प्रिया कपूर भरोसा कर रही हैं, वह त्रुटियों से भरी है।
