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रामलीला मैदान में इस साल केवल 3 तारीखें ही उपलब्ध, महंगी बुकिंग और एनओसी की शर्तों पर सियासत तेज

Published: Mon, 12 Oct 2026 11:04 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर रोक लगाकर रामलीला मैदान सहित तीन नई जगहें तय की हैं। हालांकि, रामलीला ...और पढ़ें

रामलीला मैदान, जागरण अर्काइव

रामलीला मैदान, जागरण अर्काइव

HighLights

  1. जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर दिल्ली पुलिस ने लगाई रोक।

  2. रामलीला मैदान सहित तीन नए प्रदर्शन स्थल तय किए गए।

  3. रामलीला मैदान में प्रदर्शन महंगा और बुकिंग मुश्किल।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक किसी भी राजनीतिक पार्टी या संगठन आदि को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है।राजधानी में पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रदर्शनों की वजह से आम जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ी, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया।

जंतर-मंतर के बजाय अब विरोध-प्रदर्शनों के लिए तीन जगहें तय की गई हैं। जिसमें से एक रामलीला मैदान भी है। हालांकि इस मैदान की अगले ढाई महीने से भी ज्यादा समय की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। वहीं इस साल बुकिंग के लिए केवल तीन दिन बचे हैं। हालांकि मैदान के एक छोटे से हिस्से का इस्तेमाल मुफ्त में विरोध-प्रदर्शन के लिए किया जा सकता है।

इस साल में केवल 3 तारीख पर मैदान खाली

रामलीला मैदान लगभग 12 एकड़ में फैला है, जिसमें एक बार में 50 हजार से ज्यादा लोग खड़े हो सकते हैं। हालांकि पूरे मैदान में आयोजन के लिए फीस देनी पड़ती है। इसके अलावा रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देनी पड़ती है।

पीटीआई के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस मैदान में बुकिंग के लिए अब केवल 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीखें ही उपलब्ध हैं।

जिसका सीधा मतलब यह है कि फीस देने के बाद भी इस मैदान में इस साल जगह मिलना लगभग असंभव है। हालांकि प्रदर्शन के लिए मैदान का एक छोटा हिस्सा फ्री रखा गया है, जिसमें लगभग 150 लोग शामिल हो सकते हैं।

मैदान में बुकिंग के लिए कई औपचारिकताएं

रामलीला मैदान में एक दिन की बुकिंग के लिए 50 हजार रुपये लगते हैं। इसके अलावा सिक्योरिटी मनी और टैक्स भी देना पड़ता। इस मैदान में बुकिंग की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है।

इसके लिए पहले दिल्ली नगर निगम के उद्यान विभाग से इजाजत लेनी पड़ती है, इसके अलावा दिल्ली पुलिस से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' लेना भी अनिवार्य है। ऐसे में इसी मैदान को विरोध-प्रदर्शन का विकल्प तय किए जाने पर विपक्ष की ओर से आलोचना की जा रही है।

विपक्ष के गंभीर सवाल

विपक्ष का कहना है कि इस जगह पर प्रदर्शन आयोजित करना मुश्किल है, क्योंकि मुफ्त वाला हिस्सा काफी छोटा है और बुकिंग की लागत काफी अधिक है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया है।

जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। रामलीला मैदान में अभी दो रामलीलाओं का आयोजन किया गया है, ऐसे में यहां प्रदर्शन कैसे किया जा सकता है।

इसके अलावा इस मैदान में लगने वाले शुल्क पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर नगर निकाय का कहना है कि इस मैदान से उन्हें हर दिन लगभग 50 हजार रुपये की आय होती है, ऐसे में अगर इसे फ्री प्रदर्शन के लिए दे दिया जाए तो राजस्व का भारी नुकसान होगा।

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