नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का फोन टेप मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा शुक्रवार सुबह पूछ्ताछ में शामिल होने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के रोहिणी स्थित दफ्तर पहुच गए। क्राइम ब्रांच ने 17 अक्टूबर को नोटिस जारी कर उसे 22 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा था। फोन टेपिंग मामले में होगी पूछताछ। अभी उसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली हाई कोर्ट से रोक लगी हुई है।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का फोन टेप करने के मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए बुलाया है। 

गौरतलब है कि फोन टेपिंग के इस मामले में लोकेश की गिरफ्तारी पर आगामी 13 जनवरी तक के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगा रखा है। लोकेश शर्मा के पेश होने पर उससे पूछताछ हो सकती है। जानकारी के मुताबिक पिछले साल जुलाई में राजस्थान से सांसद एवं कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत की बातचीत का एक आडियो लीक हुआ था। उसको लेकर केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को इमेल के जरिए शिकायत की थी। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने विगत मार्च में एफआईआर दर्ज कर ली थी। शिकायत लोकेश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। क्राइम ब्रांच ने गत दिनों लोकेश को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। उसे प्रशांत विहार स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बुलाया गया है। 

यह है पूरा मामला

गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले साल कांग्रेस के सियासी घमासान के दौरान कथित आडियो जारी होने के मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से लोकेश शर्मा सहित कई लोगों के खिलाफ फोन टैपिंग के आरोप में एफआइआर दर्ज करवाई गई थी। फोन टेपिंग मामले में लोकेश शर्मा के अलावा मुख्य सचेतक महेश जोशी को भी दिल्ली क्राइम ब्रांच की ओर से नोटिस मिला था, हालांकि महेश जोशी ने भी दिल्ली क्राइम ब्रांच को कानूनी राय के आधार पर नोटिस का जवाब दे दिया है। वहीं, लोकेश शर्मा पूछताछ से बचते दिखाई दिए हैं।

Edited By: Jp Yadav