'हिम्मत दिखाने वाली महिलाओं को चुप कराया जा रहा', यौन शोषण के मामलों को लेकर दिल्ली पुलिस पर बरसे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस पर राहुल गांधी का आरोप: महिला पत्रकारों की आवाज दबाई जा रही।
HighLights
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर महिला पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस कर्मियों पर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की।
राहुल गांधी ने साकेत थाने के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस कर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और यौन उत्पीड़न की शिकायत की।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सवाल पूछने वाली महिलाओं को चुप कराया जा रहा है। उन्होंने साकेत थाने का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।
दिल्ली में इस वक़्त जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है - जो औरत सवाल पूछे, उसे चुप कराओ। जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए, उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत पर FIR तक दर्ज नहीं हुई। कुछ हफ्तों पहले शाहीन और नफ़ीसा ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ हुई हिंसा और बदसलूकी की आपबीती सुनाई है। सोचिए, थाने के अंदर - वो जगह जहां महिलाएं शिकायत लेकर जाती हैं। जिन पर महिलाओं की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही आज उनके लिए ख़तरा बन रहे हैं। और दिल्ली पुलिस किसके अधीन है - यह पूरा देश जानता है। साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई हो। शाहीन, नफ़ीसा और जिनके साथ भी दिल्ली पुलिस ने हिंसा और बदतमीज़ी की है उनको न्याय मिले। अमित शाह जी - आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 5, 2026
पत्रकार की शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई
उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया, महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी का आरोप लगाया तथा महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए और उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। कुछ हफ्ते पहले शाहीन और नफीसा ने साकेत थाने के अंदर हुई हिंसा और बदसलूकी का जिक्र किया था।
राहुल गांधी ने कहा कि जिन पर महिलाओं की रक्षा की जिम्मेदारी है, वही उनके लिए खतरा बन रहे हैं। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की तथा गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि उनकी पुलिस महिलाओं से क्यों डरती है।
3 अक्टूर को तीन महिला पत्रकारों ने दर्ज कराई शिकायत
दिल्ली पुलिस ने बताया कि तीन महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि शिकायतें दर्ज की गईं, मेडिकल जांच कराई गई और मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। पुलिस ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें भी स्वीकार कीं और संबंधित फुटेज उपलब्ध कराने की अपील की।
