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दक्षिणी दिल्ली के प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर कसेगा शिकंजा, PWD खरीदेगा 28 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:21 PM (IST)

दक्षिणी दिल्ली में धूल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग 28 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्माग गन तैनात करेगा। इस ...और पढ़ें

एंटी स्मॉग गन से प्रदूषण पर लगेगी लगाम। फोटो: आर्काइव

एंटी स्मॉग गन से प्रदूषण पर लगेगी लगाम। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. दक्षिणी दिल्ली में 28 एंटी-स्माग गन की तैनाती

  2. धूल नियंत्रण पर 50.63 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च

  3. सितंबर 2026 से जून 2029 तक तीन चरणों में योजना

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सड़कों की धूल पर नियंत्रण के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) 28 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्माग गन की सेवाएं लेने की तैयारी में है।

तीन सड़क मंडलों की ओर से इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इन सेवाओं पर कुल 50.63 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह व्यवस्था सितंबर 2026 से जून 2029 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है।

प्रदूषण के लिहाज से दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में आरके पुरम और ओखला, नेहरू नगर, श्री अरबिंदो मार्ग, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, मथुरा रोड, लोधी रोड समेत कई स्थान हाटस्पाट हैं।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, ओखला आधिकारिक प्रदूषण हाटस्पाट है। यहां की कई प्रमुख सड़कों पर धूल प्रदूषण कम करने के लिए सड़क मरम्मत का काम भी होना है।

इसके साथ ही सराय काले खां में सड़क की खराब स्थिति है। सराय काले खां फ्लाईओवर से कालिंदी कालोनी और महारानी बाग की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी यातायात के बीच सड़क की सतह, किनारों पर जमा मिट्टी और नियमित सफाई की स्थिति महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण रोड डिवीजन-एक और दक्षिण रोड डिवीजन-दो के लिए आठ-आठ, जबकि दक्षिण-पूर्व रोड डिवीजन-दो के लिए 12 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्माग गन की सेवाएं ली जाएगी।

आठ घंटे की पाली में दो चक्कर

प्रत्येक वाहन को आठ घंटे की पाली में कम-से-कम दो चक्कर लगाने होंगे। वाहनों में जीपीएस और आगे-पीछे कैमरे लगाने होंगे। गौरतलब है कि सड़क की धूल का मुद्दा हाल में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की कार्रवाई में भी सामने आया था।

आयोग ने तीन अक्टूबर को इनर और आउटर रिंग रोड के लगभग 35 किलोमीटर हिस्से में 25 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया था।

चार टीमों ने पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र वाली सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल और सफाई की प्रभावशीलता की जांच की। इस दौरान धूल और निर्माण के मलबे से जुड़ी 17 गड़बड़ियां मिली थीं।

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