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द्वारका के दशहरा महोत्सव में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, 221 फीट ऊंचे रावण का किया दहन

Published: Tue, 20 Oct 2026 09:35 PM (IST)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दशहरा के मौके पर द्वारका सेक्टर-10 में 15वें रामलीला महोत्सव के विजयादशमी समारोह में भाग लिया। ...और पढ़ें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, सोशल मीडिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, सोशल मीडिया।

HighLights

  1. राष्ट्रपति मुर्मु ने द्वारका में विजयादशमी समारोह में भाग लिया।

  2. उन्होंने 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया।

  3. दशहरा को धर्म और न्याय की विजय का उत्सव बताया।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित 15वें रामलीला महोत्सव के विजयादशमी समारोह में शामिल हुई। इस दौरान उन्होंने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है।

उन्होंने देशवासियों को दशहरा की बधाई देते हुए कहा कि देश-विदेश में आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग राम कथा के महान आदर्शों को याद करते हैं।

राष्ट्रपति ने 221 फीट ऊंचे पुतले का दहन

राष्ट्रपति ने समारोह में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर मंच पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा और भाजपा दिल्ली प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल सहित कई अतिथि मौजूद रहे। द्वारका श्री रामलीला सोसायटी के मुख्य संरक्षक आकाश राजेश गहलोत ने राष्ट्रपति और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

द्वारका श्री रामलीला सोसायटी, सेक्टर-10 की ओर से आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी पहुंचे। विशालकाय रावण का पुतला आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। रामलीला के अंतिम प्रसंगों के मंचन और रावण दहन के साथ मैदान में विजयादशमी का उल्लास देखने को मिला। आयोजन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया।

धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में दशहरा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग राम कथा के महान आदर्शों को याद करते हैं। विजयादशमी का पर्व लोगों को धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और कर्तव्य के प्रति निष्ठा का संदेश देता है। रामलीला जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सोमनाथ मंदिर की थीम पर सजावट

गौरतलब हो कि इस वर्ष रामलीला महोत्सव में मंच को सोमनाथ मंदिर की थीम पर सजाया गया था। राष्ट्रपति द्वारा पुतले का दहन किए जाने के साथ ही विजयादशमी समारोह ने विशेष महत्व हासिल किया। आयोजन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने रामलीला के मंचन और रावण दहन को देखा।

सुरक्षा और यातायात के रहे कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए द्वारका सेक्टर-10 और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। वीवीआइपी आवागमन और रामलीला मैदान में लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों के साथ ही अर्ध सैनिक बलों की भी तैनाती की गई।

यातायात पुलिस ने वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए विशेष प्रबंध किए। निर्धारित समय के दौरान कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। आयोजन स्थल के आसपास भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया गया, ताकि राष्ट्रपति के कार्यक्रम और रावण दहन के दौरान व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

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