प्लास्ट इंडिया 2026 में दिखी जीरो वेस्ट की आसान राह, सीएम ने कहा-दिल्ली के औद्योगिक विकास का रोडमैप
भारत मंडपम में 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्ट इंडिया 2026 प्रदर्शनी शुरू हुई, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। मुख्यमंत्री ने ...और पढ़ें

भारत मंडपम में आयोजित प्लास्ट इंडिया प्रदर्शनी में उत्पादों को अवलोकन करती मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता । जागरण

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। गुरुवार से भारत मंडपम में शुरू हुई 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्ट इंडिया 2026 प्रदर्शनी में जीरो वेस्ट की राह भी नजर आती है। लैंडफिल साइट पर जमा होने वाले हर तरह के ठोस कचरे कैसे अलग करें, कैसे रीसाइकल करें एवं कैसे दोबारा इस्तेमाल करें, इस पूरी प्रक्रिया के साथ प्रदर्शनी में माॅडल दिखाए गए हैं। एक अनोखा म्यूजियम भी प्लास्टिक के बहुमुखी इस्तेमाल और जिम्मेदारी से मैनेज किए जाने पर कृषि, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और मोबिलिटी में उनकी अहम भूमिका को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टाॅलों का भ्रमण कि
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को इस प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया। 10 फरवरी तक चलने वाली इस छह दिवसीय प्रदर्शनी के मंच से उन्होंने दिल्ली के औद्योगिक विकास का स्पष्ट रोडमैप भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टाॅलों का भ्रमण किया और प्लास्टिक के विकास, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनाॅमी से जुड़े इनोवेशन को नजदीक से देखा।
सीएम के साथ इस अवसर पर प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रविश कामत, नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल (एनईसी) के चेयरमैन आलोक तिब्रेवाल, नगर निगम में नेता सदन प्रवेश वाही सहित 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और काफी उद्यमी उपस्थित थे।

बिना किसी गारंटी के वित्तीय सहयोग मिले
दिल्ली को वैश्विक शहर और मजबूत व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार उद्योग और उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार 10 करोड़ रुपये तक का कोलेटरल-फ्री लोन उपलब्ध करा रही है ताकि छोटे उद्यमों को बिना किसी गारंटी के वित्तीय सहयोग मिल सके।
5,000 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 5,000 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, खासकर प्लास्टिक उद्योग में इनोवेशन और सस्टेनेबल समाधानों को बढ़ावा देने के लिए।
उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को और बेहतर बनाने के लिए नीतियों को सरल किया जा रहा है, ताकि दिल्ली केवल कंजम्पशन हब न रहकर ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के रूप में भी अपनी पहचान बना सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक वेस्ट दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने में बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए रीसाइक्लिंग व वेस्ट मैनेजमेंट की आधुनिक तकनीकों पर मिलकर काम करने की जरूरत है।

2,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक पहुंचे
मालूम हो कि केंद्रीय रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘भारत नेक्स्ट’ थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन के अनुरूप मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार सृजन और मजबूत औद्योगिक आधार को बढ़ावा देती है।
इसमें 2,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक मशीनरी, कच्चे माल, उन्नत तकनीक और सर्कुलर इकोनामी से जुड़े समाधान पेश कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी को पहली बार जीरो वेस्ट एग्जिबिशन के रूप में आयोजित किया गया है, जहां कचरे का रीसाइक्लिंग और दोबारा उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
