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पीतमपुरा में जर्जर इमारतों को नोटिस, 30 फ्लैटों को 48 घंटे में खाली करने का आदेश; लोगों की बढ़ी चिंता

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:23 PM (IST)

पीतमपुरा में जर्जर इमारतों को प्रशासन का नोटिस मिलने के बाद लगभग 30 फ्लैटों को 48 घंटे में खाली करने ...और पढ़ें

पीतमपुरा में लगभग 30 फ्लैटों को 48 घंटे में खाली करने का आदेश दिया गया है

पीतमपुरा में लगभग 30 फ्लैटों को 48 घंटे में खाली करने का आदेश दिया गया है

HighLights

  1. पीतमपुरा में 30 फ्लैटों को 48 घंटे में खाली करने का आदेश।

  2. अचानक घर खाली करने के आदेश से निवासियों की बढ़ी चिंता।

  3. अवैध निर्माण और प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल।

संवाद सहयोगी, बाहरी दिल्ली। पीतमपुरा में जर्जर इमारतों को प्रशासन का नोटिस मिलने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगभग 30 फ्लैटों को 48 घंटे के भीतर सुरक्षा कारणों से घर खाली करने का आदेश दिया गया है। बीती 12 सितंबर 2026 को निगम द्वारा पीतमपुरा के एनपी ब्लाक की कई इमारतों को जर्जर होने का हवाला देते हुए नोटिस जारी कर दिया।

नोटिस के माध्यम लोगों को 48 घंटे के भीतर घर खाली करने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न करने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आदेश के बाद लोगों को यह डर सता रहा है कि अचानक लोग कहां और कैसे शरण लेंगे?

सुरक्षा कारणों से छत पर लोहे के कई जैक लगाने पड़े

जानकारी के मुताबिक इन इमारतों के भूतल पर वर्ष 1988 तक सरकारी डिस्पेंसरी थी। जिसके बाद से रखरखाव के अभाव में भूतल की स्थिति लगातार जर्जर होती चली गई। सुरक्षा कारणों से छत पर लोहे के कई जैक लगाने पड़े। जनसुरक्षा को देखते हुए प्रशासन द्वारा चार इमारतों पर नोटिस चस्पा कर घरों को खाली करने का आदेश दे दिया।

इन इमारतों में प्रत्येक मंजिल पर आठ फ्लैट है। इनमें से दो इमारतों में तीसरे व चौथी मंजिल, तीसरी इमारत में तीसरी मंजिल पर अवैध रूप से फ्लैटों का निर्माण किया गया है। प्रशासन के आदेश के बाद इन फ्लैटों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती दिख रही है।

फ्लैटों को लोगों ने पानी मेहनत की कमाई से खरीदा

लोगों का कहना है कि इन फ्लैटों को लोगों ने पानी मेहनत की कमाई से खरीदा है। अब इसका नुकसान लोगों को भुगतना पड़ेगा। यहां डिस्पेंसरी बंद होने के बाद मरम्मत नहीं की गई और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा ऊपर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

निवासियों ने प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब यह इमारतें नीचे से जर्जर हो रही थी। तो तीसरी व चौथी मंजिल पर फ्लैट बनाने की अनुमति किसने दी? यहां दो मंजिल से ऊपर निर्माण करना अवैध है, तो तीसरी व चौथी मंजिल पर निर्माण कैसे हुआ?

पीतमपुरा एनपी ब्लाक के 130बी निवासी रूपल ने बताया कि मैं दस वर्षों से यहां रह रहा हूं। मेरे में घर में छह लोग है। अब इतने कम समय में कहां लेकर जाऊं? प्रशासन ने एक इमारत जर्जर होने पर आसपास की तीन अन्य इमारतों को भी घर खाली करने का आदेश दे दिया। इसमें प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही है। जिनका नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है।

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