दिल्ली-NCR से हटेंगे दो लाख से ज्यादा पुराने ट्रक और बसें, योजना की धीमी रफ्तार पर सरकार का अहम फैसला
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए 2.07 लाख पुराने वाहनों को बदलने की परिवर्तन योजना धीमी गति से चल ...और पढ़ें
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परिवर्तन योजना की रफ्तार बढ़ाने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई। AI जनरेटेड
HighLights
दिल्ली-एनसीआर में 2.07 लाख पुराने वाहन बदलने का लक्ष्य।
अब तक केवल 5344 वाहनों का ही पंजीकरण हो सका।
अक्टूबर-नवंबर में मिशन मोड पर विशेष अभियान चलेगा।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परिवर्तन योजना की रफ्तार बढ़ाने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है।
5344 वाहनों का ही पंजीकरण
इस योजना का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र से करीब 2.07 लाख पुराने व प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 या इलेक्ट्रिक जैसे स्वच्छ वाहनों को लाना है। लेकिन चिंता की बात यह है कि दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के अनुसार, 25 सितंबर तक केवल 5344 वाहनों का ही पंजीकरण हो सका है।
वहीं, इस धीमी गति को देखते हुए, अब प्रशासन आगामी अक्टूबर और नवंबर महीने में मिशन मोड पर विशेष पंजीकरण अभियान चलाने जा रहा है ताकि तय लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके। योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 9585 करोड़ रुपये है।
71293 ट्रक और 6819 बसें शामिल
वहीं दिल्ली सरकार के 28 सितंबर के एक्शन प्लान में राजधानी के लिए 78112 वाहनों का आंकड़ा दिया गया है, जिसमें 71,293 ट्रक व 6819 बसें शामिल हैं। योजना के तहत पुराने वाहनों को बदलने वालों को कई आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
नए पात्र वाहनों पर पांच साल तक ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज सहायता, 10 साल तक रोड टैक्स में पूरी छूट और पंजीकरण शुल्क माफी का प्रविधान है। भाग लेने वाले वाहन निर्माता एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम आठ प्रतिशत की छूट देंगे। ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन श्रेणी के अनुसार एकमुश्त प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
दिल्ली के विंटर प्लान में अब रफ्तार बढ़ाना लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने अक्टूबर-नवंबर में जन भागीदारी शिविर लगाने, पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने और पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग तथा नए ईवी के पंजीकरण की निगरानी करने का फैसला किया है।
सितंबर के अंत में हुई समीक्षा बैठक में भी परिवर्तन योजना के पंजीकरण अभियान को मिशन मोड में चलाने का निर्णय लिया गया था।
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