NCR में प्रदूषण पर सख्ती, 28 DG सेट सील व 10 केस में भारी जुर्माना; लोनी में 21 फैक्ट्रियों में नियमों की अनदेखी
NCR में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए CAQM ने सख्त कार्रवाई की है। सितंबर में 197 निरीक्षणों में ...और पढ़ें

वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के पास जलते कूड़े से उठता हुआ धुआं। जागरण आर्काइव
HighLights
सीएक्यूएम ने एनसीआर में वायु प्रदूषण पर शिकंजा कसा।
सितंबर में 28 डीजी सेट सील, 10 मामलों में जुर्माना।
लोनी में 21 औद्योगिक इकाइयां बिना प्रदूषण नियंत्रण के मिलीं।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शिकंजा कस दिया है। आयोग के प्रवर्तन कार्यबल (ईटीएफ) की 140 वीं बैठक में हाल ही में किए गए निरीक्षणों और कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसमें नियमों का उल्लंघन करने वाली कई इकाइयों पर गाज गिरी है।
10 मामलों में भारी जुर्माना लगाया
सितंबर माह के दौरान सीएक्यूएम के उड़न दस्ते ने औद्योगिक इकाइयों, निर्माण स्थलों और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों पर कार्रवाई करते हुए 197 स्थानों का निरीक्षण किया। इस जांच में 85 मामलों में पर्यावरण नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।
इसके बाद आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए चार निर्माण परियोजनाओं और एक औद्योगिक इकाई को बंद करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही 28 डीजल जनरेटरों को सील कर दिया गया है जबकि 10 मामलों में भारी जुर्माना (पर्यावरण मुआवजा) लगाया गया है।
पुरानी फैक्ट्रियों में भी चोरी-छिपे काम के सबूत
गाजियाबाद के लोनी और हापुड़ में चलाए गए विशेष जांच अभियानों में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। लोनी में जांची गई सभी 21 औद्योगिक इकाइयां बिना प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों, बिना चिमनी और अवैध रूप से चलती पाई गईं। यहां तक कि सील की गई कुछ पुरानी फैक्ट्रियों में भी चोरी-छिपे काम होने के सबूत मिले हैं।
1,831 इकाइयों को बंद करने के निर्देश
आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआर में अब तक 28,744 इकाइयों की जांच की जा चुकी है और उल्लंघन करने पर 1,831 इकाइयों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, सुधार करने के बाद 1,488 इकाइयों को दोबारा काम शुरू करने की अनुमति भी दी गई है। सीएक्यूएम ने सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आने वाले दिनों में निगरानी और सख्त की जाए ताकि हवा की गुणवत्ता को बिगड़ने से रोका जा सके।
