दिल्ली में 8 महीने में कटे 10 लाख से ज्यादा चालान, फिर भी अभियान नाकाम; चौंका देगा मौतों का आंकड़ा
दिल्ली में हेलमेट पहनने के अभियान को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के बावजूद, इस साल के शुरुआती आठ महीनों में 10.41 ...और पढ़ें
-1790829178290_m.webp)
8 महीनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ 10.41 लाख चालान। AI जनरेटेड
HighLights
आठ माह में 10.41 लाख हेलमेट चालान किए गए।
दिल्ली सरकार के अभियान को अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला।
सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया सवारों की मौतें अधिक।
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार भले ही ‘हेलमेट पहनने के परिणाम’ अभियान को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने का हवाला देकर सड़क सुरक्षा के प्रयासों की सराहना कर रही हो, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े राजधानी में हेलमेट नियमों के उल्लंघन की गंभीर स्थिति बयां कर रहे हैं।
इस वर्ष शुरुआती 8 महीनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ 10.41 लाख चालान किए गए। पिछले वर्ष इसी अवधि में 7.73 लाख चालान हुए थे। यानी इस साल करीब 2.68 लाख अधिक चालान किए गए।
वहीं, आंकड़े बताते हैं कि हेलमेट को लेकर जागरूकता और नियमों के पालन के बावजूद उल्लंघन के मामले लगातार बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं।
मार्च माह में 1.69 लाख चालान
ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, बिना हेलमेट सड़कों पर फर्राटा भरते दो पहिया वाहन चालकों के इस वर्ष सबसे अधिक मार्च माह में 1.69 लाख चालान मैनुअली व कैमरों के जरिये जारी किए गए।
इसके बाद जुलाई में 1.46 लाख और अप्रैल माह में 1.44 लाख चालान काटे गए। इन कार्रवाइयों के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने के मामले घटने का नाम नहीं ले रहे हैं।
दो पहिया वाहन सवारों की सबसे अधिक होती है मौत
राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन सवार लगातार सबसे अधिक जोखिम वाले वर्गों में शामिल हैं। दिल्ली सड़क दुर्घटना रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में करीब 38 प्रतिशत मोटरसाइकिल और स्कूटर सवार थे।
2022 में दिल्ली में कुल 1,461 सड़क दुर्घटना मौत दर्ज हुईं। 2023 में 549 दोपहिया सवारों की मौत हुई, जबकि 2024 में यह संख्या 687 रही। 2025 में दिल्ली में 611 माैत सड़क दुर्घटना में हुई हैं।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में शुरू किया गया था अभियान
परिवहन विभाग ने हेलमेट अभियान अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में शुरू किया था। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा था कि हेलमेट पहनना केवल यातायात नियमों का पालन नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में जीवन बचाने का महत्वपूर्ण उपाय है।
अभियान में युवाओं को हेलमेट पहनने की शपथ दिलाने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी संदेश के साथ शुरू किए गए दिल्ली सरकार के अभियान को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित विश्व सुरक्षा सम्मेलन में दिल्ली परिवहन विभाग के ‘हेलमेट पहनने के परिणाम’ अभियान को बहुत छोटी चलचित्र श्रेणी में विशेष उल्लेख सम्मान दिया गया। बावजूद इसके चिंताजनक बात यह है कि एक तरफ जहां सरकार अभियान को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों की हकीकत बयां कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर बड़ा एक्शन, 634 चालान कटे, 192 रेहड़ी-पटरी हटाई गईं
| माह | वर्ष 2025 | वर्ष 2026 |
|---|---|---|
| जनवरी | 53,365 | 1,05,722 |
| फरवरी | 54,886 | 85,217 |
| मार्च | 67,986 | 1,69,638 |
| अप्रैल | 91,868 | 1,44,349 |
| मई | 1,10,771 | 1,09,669 |
| जून | 1,34,849 | 1,39,163 |
| जुलाई | 1,45,669 | 1,46,696 |
| अगस्त | 1,13,881 | 1,41,512 |
