विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दशकों बाद पुरानी दिल्ली को लटकते तारों से मिलेगी मुक्ति, भूमिगत परियोजना का होगा शुभारंभ

Published: Wed, 25 Feb 2026 03:06 AM (IST)

पुरानी दिल्ली में लटकते तारों को भूमिगत करने की दशकों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। शाहजहांनाबाद पुनर्विकास ...और पढ़ें

पुरानी दिल्ली की सड़कों, कूचों व कटरों में तारों को भूमिगत करने की परियोजना का शुभारंभ।

पुरानी दिल्ली की सड़कों, कूचों व कटरों में तारों को भूमिगत करने की परियोजना का शुभारंभ।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दशकों की मांग और प्रयासों के बाद आखिरकार पुरानी दिल्ली में लटकते तारों को भूमिगत करने की परियोजना को गति मिलने जा रही है। शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा बृहस्पतिवार को पुरानी दिल्ली की सड़कों, कूचों व कटरों में तारों को भूमिगत करने की परियोजना का शुभारंभ किया जाएगा। इसके लिए कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने 159.47 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।

सूत्रों के अनुसार इस मौके पर ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, सांसद प्रवीन खंडेलवाल और पार्षद सुमन गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहेंगे।
विशेष बात कि द्वितीय चरण में कुल 26 सड़कों, कटरों व कूचों में लटकते तारों को भूमिगत किया जाएगा। बिजली वितरण कंपनियों को तारों को भूमिगत करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। चरणबद्ध तरीके से काम होगा।

चांदनी चौक का सांसद बनने के बाद प्रवीन खंडेलवाल ने इस समस्या के समाधान को लेकर व्यापारियों और अधिकारियों के साथ समग्र चर्चा कर रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपी थी। मौजूदा समय में चांदनी चौक, नई सड़क, किनारी बाजार, दरीबा, कूचा महाजनी, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार, लाल कुंआ, मटिया महल समेत कमोबेश पुरानी दिल्ली की हर सड़क और गलियों में लटकते बिजली के तार मिल जाएंगे। कहीं-कहीं यह खतरनाक स्थिति में काफी नीचे तक चले आए हैं।

तारों के इस मकड़जाल से अक्सर अगलगी की घटनाएं हुई। इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने कई बार चिंता जताई तथा आदेश दिए थे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, हवेली धर्मपुरा, कौड़िया पुल, मस्जिद खजूर समेत सभी मार्गों पर प्राथमिकता के स्तर पर तारों को भूमिगत किया जाएगा।

उसमें बिजली के तारों के साथ ही इंटरनेट, केबल समेत अन्य तारों के लिए भी अलग से डक्ट डाले जाएंगे। वैसे, इसके पूर्व एसआरडीसी की प्रथम चरण की परियोजना के तहत चांदनी चौक मुख्य मार्ग पर तारों को भूमिगत किया गया है, लेकिन गलियों और अन्य इलाकों का मामला अटका रहा।

अब तक के प्रमुख घटनाक्रम व प्रयास

-2011: एसआरडीसी परियोजना के तहत चांदनी चौक में तार भूमिगत करने का काम शुरू, लेकिन पूरा नहीं हुआ।

-2015: एसआरडीसी परियोजना के तहत चांदनी चौक मुख्य मार्ग पर डक्ट डालने का काम शुरू हुआ, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ।

-2017: दिल्ली हाईकोर्ट ने चांदनी चौक को 'टाइम बम' कहा, तारों के जाल पर चिंता जताई।

-2018: लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी चौक तक 1.3 किमी मुख्य मार्ग पर तारों को भूमिगत करने की परियोजना शुरू व वर्ष 2021 में हुआ पूरा।

यह भी पढ़ें- केंद्रीय कैबिनेट का संकल्प: 'सेवा तीर्थ' शक्ति के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि सशक्तीकरण का होगा केंद्र