NEET परीक्षा से पहले ही वायरल हो गया 'असली पेपर'? NTA के DG ने खोला बड़ा राज; टेलीग्राम पर प्रतिबंध
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि नीट परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़े और पेपर लीक की अफवाहों को रोकने ...और पढ़ें

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा टेलीग्राम पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाना पड़ा।
HighLights
नीट फर्जीवाड़े रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध।
स्कैमर्स नकली प्रश्नपत्रों से छात्रों को ठग रहे थे।
एनटीए ने 200 से अधिक फर्जी चैनल ब्लॉक किए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े फ्रॉड और पेपर लीक के गलत प्रचार को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा टेलीग्राम पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाना पड़ा।
अभिषेक सिंह ने एक समाचार एजेंसी को दिए विशेष साक्षात्कार में बताया, 'हमें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा क्योंकि स्कैम करने वाले और धोखेबाज लगातार टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। वे नकली प्रश्न पत्रों को भावी नीट परीक्षा के असली प्रश्न पत्र बताकर वायरल कर रहे थे और छात्रों की बेचैनी का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे।'
इसके लिए एनटीए ने टेलीग्राम अधिकारियों के साथ बैठक की और ऐसे ग्रुप्स/चैनल्स को ब्लॉक करने का अनुरोध किया जिनमें स्पष्ट रूप से नीट लीक पेपर का दावा किया जा रहा था। इसके अंतर्गत 200 से ज्यादा चैनल ब्लॉक किए गए। 3 मई की परीक्षा (जो अन्य कारणों से रद कर दी गई थी) से पहले भी कुछ चैनलों पर 1 मई को ही 3 मई का 'असली पेपर' शेयर किया जा रहा था।
इसके साथ ही एनटीए के डीजी ने छात्रों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक वेबसाइट या एनटीए के नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें। यह कदम नीट यूजी 2026 परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए उठाया गया है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
