‘अकाउंटेबल DU, अकाउंटेबल DUSU’ के साथ NSUI का घोषणापत्र, 24 घंटे लाइब्रेरी-मेट्रो पास समेत 19 वादे
एनएसयूआइ ने डूसू चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें किफायती आवास, मेट्रो कंसेशन पास और 24 घंटे पुस्तकालय ...और पढ़ें

एनएसयूआइ के चारों डूसू प्रत्याशी घोषणापत्र जारी करते हुए। जागरण
HighLights
किफायती पीजी, मेट्रो पास और 24 घंटे पुस्तकालय का वादा।
छात्र सुरक्षा, फीस राहत और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर।
'क्या हुआ तेरा वादा?' अभियान से प्रशासन पर उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में छात्र सुविधाओं और कैंपस की जवाबदेही को मुद्दा बनाते हुए एनएसयूआइ ने सोमवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। नई दिल्ली स्थित संगठन के मुख्यालय में जारी घोषणापत्र का शीर्षक 'अकाउंटेबल डीयू, अकाउंटेबल डूसू’ रखा गया है।
इसमें किफायती आवास, मेट्रो कंसेशन पास, 24 घंटे पुस्तकालय, फीस में राहत और छात्र सुरक्षा समेत 19 प्रस्ताव शामिल हैं। संगठन ने घोषणापत्र के साथ ‘क्या हुआ तेरा वादा?’ अभियान भी जारी किया।
पीजी और मेट्रो पास के मुद्दे पर फोकस
एनएसयूआई ने छात्रों के लिए किफायती और सत्यापित पीजी व किराये के आवास का पोर्टल बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ किराया नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई है।
संगठन ने छात्रों के परिवहन खर्च को कम करने के लिए किफायती मेट्रो कंसेशन पास की व्यवस्था का भी वादा किया है। डीयू में छात्र आवास और परिवहन लंबे समय से प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
24 घंटे लाइब्रेरी और कैंटीन का वादा
घोषणापत्र में 24 घंटे रीडिंग लाइब्रेरी और सब्सिडाइज्ड 24 घंटे कैंटीन शुरू करने की बात कही गई है। एनएसयूआइ ने स्वच्छ पेयजल, बेहतर कक्षाओं, कैंपस वाई-फाई और खेल सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव रखा है। संगठन का कहना है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक कैंपस वातावरण मिलना चाहिए।
छात्र अधिकारों से मानसिक स्वास्थ्य तक
एनएसयूआइ ने महिला छात्रों के लिए हर महीने दो दिन के मासिक धर्म अवकाश, यौन उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति और लैंगिक संवेदनशीलता को घोषणापत्र में जगह दी है। एससी-एसटी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
संगठन ने नई शिक्षा नीति आधारित चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में स्पष्टता, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही मुफ्त मूल्यांकन व पुनर्मूल्यांकन, कानूनी जागरूकता शिविर, इंटर्नशिप और करियर सहायता की मांग की गई है।
प्रशासन की जवाबदेही पर उठाए सवाल
‘क्या हुआ तेरा वादा?’ अभियान के जरिए एनएसयूआइ ने सुरक्षित छात्रावासों की कमी, मेट्रो पास की लंबित मांग, कैंपस सुविधाओं की कमी और प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ व्यवहार पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि घोषणापत्र छात्रों की आकांक्षाओं और चिंताओं का प्रतिबिंब है।
उन्होंने कहा कि छात्रों को पारदर्शी, किफायती और जवाबदेह विश्वविद्यालय व्यवस्था मिलनी चाहिए।
18 सितंबर को होगा डूसू चुनाव
डूसू चुनाव 18 सितंबर को होगा। वहीं चुनाव के परिणाम 19 सिंतबर को जारी किए जाएंगे। इसी दिन उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, सचिव और सयुंक्त सचिव के नाम तय होंगे।
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