'वंदे मातरम का अपमान करने वालों का भी मन बदलेगा', दिल्ली में समरसता संकल्प अभियान में बोले नितिन नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली में समरसता संकल्प अभियान में संत रविदास के विचारों पर जोर दिया, ...और पढ़ें

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- भारत संतों की भूमि है। फोटो: आर्काइव
HighLights
संत रविदास के विचारों से देश ने आपदाएं झेलीं
वंदे मातरम का अपमान करने वालों का मन बदलेगा
पीएम मोदी का 'सबका साथ' रविदास जी से प्रेरित
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि भारत संतों की भूमि है। इस देश में जब भी आपदा या कोई और चुनौती आई तो संतों के आशीर्वाद से देशवासियों ने उसका सफलतापूर्वक सामना किया है।
संत श्री रविदास जी ने समाजिक कुरीतियों पर प्रहार कर समरसता की शुरुआत की। मुगलों का आक्रमण हुआ उस समय भी उनके विचार व संघर्ष ने सनातन को बचाने का काम किया।
उनके विचार व संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबका साथ, सबका विश्वास व सबका विश्वास के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
कुछ लोग समाज में विभाजन की मानसिकता से काम कर रहे हैं। जिस वंदे वातरम ने स्वतंत्रता की नींव रखी। बलिदानियों ने जिसे वीर गान बनाया उसका कुछ लोग अपमान कर रहे हैं। इस देश की मिट्टी में इतनी ताकत है कि वंदे मातरम के अपमान करने वालों का भी मन मस्तिष्क बदलेगा।
संत रविदास के विचारों से समरसता का संकल्प
दिल्ली भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित समरसता संकल्प अभियान कार्यक्रम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी के विचार व शिक्षा अनुरूप सनातन पर गर्व करने का अवसर प्रधानमंत्री दे रहे हैं।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विरासत व मूल्यों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की विकास की योजनाओं को पहुंचाने की बात करते हैं। अपनी सरकार को गरीबों का बताते हैं।
यह रविदास जी की सोच से प्ररित संकल्प है। हमारी सरकार की योजनाएं बिना किसी जाति व धर्म को ध्यान में रखकर अंतिम व्यक्ति के विकास के लिए बनती है।
पहले की सरकार में देश के संसाधन पर पहला हक एक धर्म विशेष का बताया जाता था। इसके विपरीत हमारी सरकार में संसाधन पर पहला हक गरीबों का बताया जाता है।
आपदा के समय संतों की शिक्षा से एकजुट रहा देश
उन्होंने कोरोना महामारी सहित अन्य आपदा के समय में भी प्रधानमंत्री ने संतों की शिक्षा से प्रेरित होकर देशवासियों को एकजुट रखने का काम किया। देशवासियों ने मिलकर आपदा की चुनौती का सामना किया और कठिन समय में एक दूसरे की मदद की।
संत रविदास जी के विचारों का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
सभी देशवासी भी उनके साथ हैं। दिल्ली भाजपा का यह कार्यक्रम आने वाले दिनों समाज के प्रत्येक वर्ग का अभियान बन जाएगा।
छह माह तक होंगे संत रविदास से जुड़े कार्यक्रम
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से संत रविदास जी की शिक्षा जन-जनतक पहुंचेगा। दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि संत श्री रविदास जी ने भक्ति के साथ ही कर्म प्रधान का संदेश दिया था।
उनकी 650 वीं जयंती के अवसर पर उनकी जन्मस्थली बनारस की मिट्टी से निर्मित कलश सभी जिलों के प्रतिनिधियों को दिए जाएंगे। प्रत्येक जिले में मंदिर में इसे स्थापित किया जाएगा।
प्रत्येक मंडल स्तर पर मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रत्येक घर को इस समरसता अभियान से जोड़ने का प्रयास होगा। अगले छह माह तक संत रविदास जी से संबंधित कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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