दिल्ली से फरीदाबाद बिना रुके दौड़ेंगी गाड़ियां, बनेंगे 4 नए फ्लाईओवर; 378 करोड़ से बनेगा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आश्रम चौक से बदरपुर बॉर्डर तक मथुरा रोड के 7.977 किमी हिस्से को सिग्नल-फ्री बनाने की योजना तैयार की है।

मथुरा रोड पर माता मंदिर रोड रेड लाइट, जहां एनएचएआई की ओर से प्रस्तावित है फ्लाईओवर। फोटो: जागरण
HighLights
आश्रम-बदरपुर रोड 7.977 किमी सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा
378.87 करोड़ की लागत से चार नए फ्लाईओवर बनेंगे
जनवरी 2027 से निर्माण कार्य शुरू, दो साल में पूरा होगा
धनंजय मिश्रा, दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली-फरीदाबाद कॉरिडोर पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और रेड लाइट बाटलनेक से जूझ रहे लाखों वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मथुरा रोड के आश्रम चौक से बदरपुर बॉर्डर तक 7.977 किमी लंबे स्ट्रेच का कायाकल्प कर इसे पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने का महाप्लान तैयार कर लिया है।
कुल 378.87 करोड़ की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत पूरे कॉरिडोर पर चार नए फ्लाईओवर (वायडक्ट्स) बनाए जाएंगे, जिसका काम जनवरी 2027 से शुरू होने की संभावना है।
चार नए फ्लाईओवर से सिग्नल-फ्री होगा कॉरिडोर
इस योजना के धरातल पर उतरते ही मथुरा रोड के सभी प्रमुख चौराहे सिग्नल-मुक्त हो जाएंगे। NHAI को इसे तैयार करने में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा। इसके बाद सड़क बनाने वाली कंपनी को ही अगले 10 वर्षों तक इसका मेंटेनेंस करना होगा।
थ्रू-ट्रैफिक के लिए बनेंगे एलिवेटेड फ्लाईओवर
NHAI के तकनीकी खाके के अनुसार, आश्रम से बदरपुर के बीच लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए दो-स्तरीय रणनीति अपनाई गई है।
थ्रू-ट्रैफिक के लिए फ्लाईओवर दिल्ली से फरीदाबाद और फरीदाबाद से दिल्ली की तरफ लंबी दूरी तय करने वाला मुख्य ट्रैफिक नीचे के रेड लाइट चौराहों में उलझे बिना सीधे चार नए एलिवेटेड फ्लाईओवर के ऊपर से निकल जाएगा।
वहीं स्थानीय ट्रैफिक के लिए यू-टर्न अंडरपास बनाया जाएगा। नीचे चलने वाले स्थानीय वाहनों के लिए अवैध कटों और मीडियन ओपनिंग को बंद किया जाएगा।
जसोला व अपोलो अस्पताल के पास बने मौजूदा यू-टर्न अंडरपास और लेफ्ट-इन या लेफ्ट-आउट व्यवस्था के जरिए वाहन चालक बिना मुख्य सड़क का ट्रैफिक रोके यू-टर्न ले सकेंगे।
निर्माण के दौरान रोबोटिक फ्लैगमैन संभालेंगे ट्रैफिक
कॉरिडोर पर निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक जाम न लगे, इसके लिए NHAI की तरफ से आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
खास बात यह है कि दिल्ली में पहली बार निर्माण के दौरान व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित ट्रैफिक मार्शलों के साथ रोबोटिक फ्लैगमैन तैनात रहेंगे।
यहां बनेंगे फ्लाईओवर
- आश्रम से मोदी मिल सेक्शन : यह एलिवेटेड फ्लाईओवर माता मंदिर रोड और मौलाना मोहम्मद अली जौहर रोड (जामिया/न्यू फ्रेंड्स कालोनी) के रेड लाइट जंक्शनों के ऊपर से ट्रैफिक निकालेगा।
- मोदी मिल से ओखला एस्टेट मार्ग : यह लगभग 1.5 किमी लंबा एलिवेटेड स्ट्रेच सुखदेव विहार, सीआरआरआइ परिसर और दिल्ली जल बोर्ड के व्यस्त चौराहों को बाइपास करेगा ।
- ओखला एस्टेट मार्ग से मदनपुर खादर : यह मदनपुर खादर विलेज टी-प्वाइंट की रेड लाइट के ऊपर से निर्मित होगा।
- मदनपुर खादर से बदरपुर बॉर्डर : यह अली गांव जंक्शन के ऊपर से होकर बदरपुर बॉर्डर की तरफ निकलेगा।
अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी होंगे
- 6 फुट-ओवर ब्रिज का कायाकल्प
- जलभराव रोकने के लिए कवर्ड आरसीसी नाले व रेन वाटर हार्वेस्टिंग
- 19 बस स्टाॅप पर नए बस शेल्टर और शोर रोकने के लिए नाॅइज बैरियर्स।
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