दिल्ली में हाईटेक होंगी DTC बसें, AI तय करेगा रूट और टाइमिंग; IIT कानपुर तैयार करेगा नया सिस्टम
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बसों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए आईआईटी कानपुर के ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन के साथ मिलकर एआई-आधारित प्रबंधन प्रणाली विकसित करेगा।
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एआई से तैयार होगा ड्यूटी चार्ट। फोटो: आर्काइव
HighLights
बसों की ड्यूटी और वेतन प्रबंधन होगा स्वचालित
टिकटिंग मशीनों और राजस्व का हिसाब रखेगी एआई
बिजली बसों की चार्जिंग व उपयोग में मिलेगी मदद
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में बसों के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने और यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवा देने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (DTC) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित बस प्रबंधन प्रणाली विकसित करेगा।
इसके लिए DTC आइआइटी कानपुर के AIआरएडब्ल्यूएटी (ऐरावत) रिसर्च फाउंडेशन के साथ सहयोग करने की योजना बना रहा है।
नई व्यवस्था के तहत बसों की ड्यूटी तय करने, कर्मचारियों के वेतन प्रबंधन, शिकायतों के निपटारे और टिकटिंग व्यवस्था समेत कई काम तकनीक की मदद से किए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में हुई बैठक में आइआइटी कानपुर के साथ सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मौजूदा बस प्रबंधन प्रणाली को AI और मशीन लर्निंग से उन्नत किया जाएगा।
इसमें सीएनजी और क्लस्टर बसों को भी शामिल किया जाएगा, जो फिलहाल पुराने साफ्टवेयर के जरिए संचालित हो रही हैं।
टिकट मशीनों और राजस्व का भी होगा हिसाब
नई प्रणाली में इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनों (ETM) को जारी करने, बसों और कर्मचारियों को आवंटित करने तथा उनके इस्तेमाल की निगरानी की व्यवस्था होगी। डिपो और ड्यूटी के हिसाब से टिकट मशीनों को बस, चालक और परिचालक से जोड़ा जाएगा।
मशीनों की वापसी, स्थिति और उपयोग का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। टिकट से होने वाली आय का मिलान और निगरानी भी संबंधित प्रणालियों के एकीकरण से की जाएगी, जिससे मैनुअल काम पर निर्भरता कम होगी।
मार्ग बदलने पर तुरंत तैयार होगा नया शेड्यूल
यातायात पुलिस की ओर से वास्तविक समय में मार्ग में बदलाव किए जाने पर बसों का नया शेड्यूल तैयार करने की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
इसके अलावा, बिजली से चलने वाली बसों की चार्जिंग का बेहतर प्रबंधन और उपलब्ध बसों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए AI की मदद ली जाएगी।
14 हजार बसें करने का लक्ष्य
वर्तमान में DTC के पास करीब 6,269 बसें हैं, जिनमें लगभग 4,500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। ये बसें दिल्ली के 52 डिपो से संचालित होती हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले ही वर्ष 2028-29 तक दिल्ली की बसों की संख्या बढ़ाकर 14 हजार करने और बस डिपो की संख्या 90 तक पहुंचाने का लक्ष्य बता चुकी हैं।
ऐसे में बस बेड़े के विस्तार के साथ उसके संचालन, कर्मचारियों और टिकटिंग व्यवस्था को तकनीक से जोड़ना अहम होगा।
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