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Exclusive: दिल्ली में लागू होंगे प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा बड़ा फायदा

Published: Sun, 18 Oct 2026 07:00 AM (IST)

एनडीएमसी ने संपत्ति कर गणना के लिए यूनिट एरिया मैथड (यूएएम) का मसौदा तैयार किया है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों को 30% छूट का प्रस्ताव है।

दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम होंगे लागू। फोटो: एआई जनरेटेड

दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम होंगे लागू। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. एनडीएमसी ने संपत्ति कर के लिए यूएएम मसौदा तैयार किया।

  2. महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों को 30% छूट प्रस्तावित।

  3. जनता 23 अक्टूबर तक मसौदे पर सुझाव दे सकती है।

निहाल सिंह, जागरण। MCD की तरह संपत्ति कर की गणना के लिए यूनिट एरिया मैथड (यूएएम) को लागू करने के लिए NDMC ने इसका मसौदा तैयार कर जनता से सुझाव मांग लिए हैं। 23 अक्टूबर तक नागरिक, व्यापारी और अन्य लोग सुझाव दे सकते हैं।

NDMC के मसौदे के तहत 65 वर्ष या इससे अधिक आयु के पुरुष, किसी भी आयु की महिलाएं और दिव्यांग व्यक्ति अपनी एक स्वयं उपयोग वाली आवासीय संपत्ति पर संपत्ति कर में 30 प्रतिशत की छूट के पात्र होंगे।

हालांकि, यह छूट केवल 100 वर्गमीटर के निर्माण वाले प्लाॅट पर ही लागू होगी।

संपत्ति कर में 30 प्रतिशत तक छूट का प्रस्ताव

मसौदे के अनुसार, संपत्ति का कर उसके उपयोग, निर्माण की उम्र, भवन की संरचना, स्वयं या किराये पर होने की स्थिति और क्षेत्र में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा।

साथ ही, सड़क की चौड़ाई के हिसाब से भी संपत्ति कर की दरें अलग-अलग होंगी। वहीं, किसी भूखंड के खाली होने पर अतिरिक्त कर लगेगा।

हालांकि, भूखंड के 25 प्रतिशत हिस्से पर निर्माण हो रखा है तो सामान्य कर लगाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही संपत्ति कर का भुगतान एकमुश्त या चार समान तिमाही किस्तों में किया जा सकेगा।

वित्तीय वर्ष के 30 जून तक एकमुश्त भुगतान करने पर परिषद की ओर से अधिसूचित दर के अनुसार 15 प्रतिशत तक की छूट मिलने का प्रावधान होगा।

देर से भुगतान पर प्रत्येक माह या उसके हिस्से के लिए 1.5 प्रतिशत साधारण ब्याज का प्रावधान प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि NDMC में फिलहाल रेटेबल वैल्यू यानी संपत्ति की कीमत के हिसाब से संपत्ति कर की गणना होती है।

जबकि MCD में संपत्ति के आकार, संपत्ति मालिक की उम्र, उपयोग और संपत्ति की उम्र के हिसाब से तय फैक्टर से कर की गणना होती है। NDMC के निवासी 2016 से MCD की तर्ज पर इस यूएएम प्रणाली को लागू करने की मांग कर रहे थे।

23 अक्टूबर तक जनता दे सकती है सुझाव

NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि हमारी कोशिश कर प्रणाली को सरल करना है। इसलिए मसौदे पर जो सुझाव आएंगे, उन पर आंतरिक चर्चा की जाएगी।

इसके बाद मसौदे को सुझावों के अनुसार तैयार कर काउंसिल की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसकी मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। इस अधिसूचना को संसद में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

संसद से मंजूरी मिलने के बाद म्यूनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी (एमवीसी) का गठन कर NDMC इलाके की कालोनियों की श्रेणी, कर की दरें और अन्य फैक्टर तय किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि एमवीसी के जो प्रस्ताव आएंगे, उन्हें काउंसिल में मंजूर करके लागू कर दिया जाएगा।

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