'धरना-प्रदर्शनों से बंधक बन रही नई दिल्ली', RWA ने सुप्रीम कोर्ट से की हस्तक्षेप की मांग
दिल्ली में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शनों से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने गंभीर चिंता जताई है, खासकर लुटियंस दिल्ली में। आरडब्ल्यूए ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
आरडब्ल्यूए ने दिल्ली में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शनों पर चिंता जताई।
प्रदर्शनों से आम लोगों की दिनचर्या, आवागमन बाधित हो रहा है।
आरडब्ल्यूए ने सुप्रीम कोर्ट, गृह मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
शशि ठाकुर, नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार हो रहे धरना- प्रदर्शनों को लेकर व्यापारी संगठनों के बाद अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने भी गंभीर चिंता जताई है।
खासकर लुटियंस दिल्ली के आरडब्ल्यूए का कहना है कि विरोध- प्रदर्शनों के कारण नई दिल्ली में कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है, मानो पूरा इलाका बंधक हो गया हो।
सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग
सड़कों पर बैरिकेडिंग, रास्तों की घेराबंदी और तेज शोर- शराबे से स्थानीय निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए कुछ आरडब्ल्यूए ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
आरडब्ल्यूए की चिंता है कि प्रदर्शन के कारण आम लोगों के आवागमन में बाधा आती है और आसपास रहने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं, मार्ग बंद होने से वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे यात्रियों की परेशानी के साथ समय भी बढ़ जाता है।
दूसरे लोगों को हो रही परेशानी
लोग आधे का सफर दो से तीन घंटे में तय करने को मजबूर हो जाते है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी वजह से दूसरे नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन और निर्बाध आवागमन के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।
जंतर-मंतर के बाद भी नहीं थम रहे प्रदर्शन
आरडब्ल्यूए ने अपने पत्रों में पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जंतर- मंतर पर विरोध-प्रदर्शनों को लेकर की गई व्यवस्था का भी उल्लेख किया है।
उनके अनुसार अदालत ने प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जंतर- मंतर के साथ अन्य मार्गों और इलाकों में भी धरना- प्रदर्शन से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई।
कोर्ट के स्पष्ट निर्देश
जंतर मंतर स्थित धवनदीप बिल्डिंग निवासी अधिवक्ता राजीव सिंह और यीआरडी के महासचिव सौरभ गांधी का कहना है जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि शाम पांच बजे के बाद यहां कोई धरना प्रदर्शन नहीं होगा।
बुजुर्गों को हो रही परेशानी
साथ ही यहां रहने वाले लोगों को शांतिपूर्ण माहौल देने की जिम्मेदारी एसीपी स्तर के अधिकारी की होगी। जंतर मंतर स्थित एक कोठी के मालिक वरुण सेठ के अनुसार घर में बीमार बुजुर्ग है। उन्हें दिखाने के लिए ले नहीं जा सकते। घर पर डाक्टर नहीं आ सकते। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। घर में काम करने वाले लोग नहीं आ पा रहे हैं।हम लोग बंधक की स्थिति में है।
गृह मंत्री और पुलिस आयुक्त को भी पत्र
इस मुद्दे पर दिल्ली की कुछ आरडब्ल्यूए तथा निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट के साथ केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया है। उन्होंने शांतिपूर्वक रहने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने और प्रदर्शन स्थलों के नियमन की मांग की है।
