नेपाल हिंसा में पत्नी की मौत का मामला: दिल्ली हाई कोर्ट में 100 करोड़ की मुआवजा याचिका पर 26 को सुनवाई
गाजियाबाद के कारोबारी रामबीर सिंह गोला की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 26 फरवरी को सुनवाई करेगा। यह याचिका नेपाल ...और पढ़ें

केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पत्नी की मौत के लिए 25 करोड़ रुपये और काठमांडू के हयात होटल से 75 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नेपाल में 2025 के जेन-जी विरोध प्रदर्शनों के दौरान पत्नी की मौत के मामले में गाजियाबाद के कारोबारी रामबीर सिंह गोला की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 26 फरवरी को सुनवाई करेगी। याचिका में केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पत्नी की मौत के लिए 25 करोड़ रुपये मुआवजा मांगा गया है। साथ ही, काठमांडू के हयात होटल से 75 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है।
दो हफ्ते बाद सूचीबद्ध करने के निर्देश
सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने याचिका के मौजूदा स्वरूप पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि घटना नेपाल में हुई है, ऐसे में बिना प्रार्थनाओं में संशोधन किए कोर्ट कैसे आगे बढ़े। अदालत ने याचिकाकर्ता को प्रार्थनाएं संशोधित करने को कहा और मामला दो हफ्ते बाद सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।
जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया
याचिका के मुताबिक, सितंबर 2025 में याचिकाकर्ता अपनी पत्नी के साथ तीर्थयात्रा पर नेपाल गया था और काठमांडू के हयात रीजेंसी होटल में ठहरे था। आरोप है कि हिंसा की आशंका और बार-बार मदद की गुहार के बावजूद न तो भारतीय दूतावास और न ही विदेश मंत्रालय की ओर से कोई मदद या सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की गई। इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।
सार्वजनिक माफी की मांग भी की
याचिका में होटल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाया गया कि नौ सितंबर 2025 की रात हिंसक भीड़ ने होटल पर हमला कर आगजनी की। आग से बचने के लिए दंपती ने बेडशीट और पर्दों को जोड़कर रस्सी बनाई और नीचे उतरने की कोशिश की, इसी दौरान रस्सी टूटने या पकड़ छूटने से पत्नी की मौत हो गई। याचिका में केंद्र सरकार और हयात होटल से सार्वजनिक माफी की मांग भी की गई है।
