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NEET पेपर लीक की जांच में CBI की सुस्ती से हो रही देरी, 14वें आरोपित से पूछताछ के लिए मांगा समय; मिली नई तारीख

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:39 PM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 12:40 PM (IST)

सीबीआई की धीमी जांच के कारण नीट पेपर लीक मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई टल गई है। 14वें ...और पढ़ें

नीट पेपर लीक मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने गुरुवार को और समय देने की मांग की। एआई इमेज

नीट पेपर लीक मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने गुरुवार को और समय देने की मांग की। एआई इमेज

HighLights

  1. सीबीआई की धीमी जांच से नीट पेपर लीक मामले में देरी।

  2. 14वें आरोपी की जांच पूरी करने को सीबीआई ने समय मांगा।

  3. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई अब 14 अक्टूबर को होगी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में तेजी से सुनवाई कर दोषियों को सजा सुनाने के उद्देश्य से गठित की फास्ट ट्रैक कोर्ट की राह में जांच एजेंसी की सुस्ती रोड़ा बन रही है। मामले में आरोप तय करने के लिए 14वें आरोपित के खिलाफ जांच एजेंसी की जांच अब तक पूरी नहीं हुई और एजेंसी ने गुरुवार को जांच पूरा करने के लिए और समय देने की मांग की।

अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी

सीबीआई ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) अजय गुप्ता को सुनवाई के दौरान बताया कि अभी जांच चल रही है। साथ ही, उन्होंने जांच को पूरा करने के लिए और समय देने का अदालत से अनुरोध किया। सीबीआई का पक्ष सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने जांच एजेंसी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए आरोप तय करने की सुनवाई 14 अक्टूबर तक के लिए टाल दी।

सभी आरोपित पेश होंगे वीडियो कान्फ्रेंसिंग से

14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ है और अदालत को इसका इंतजार है। साथ ही, अदालत ने आरोपित सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत भी 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।

आरोपित शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को दो सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए और 14 अक्टूबर को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाए।

भुगतान के लिए गिरवी रखवाए शैक्षणिक प्रमाण-पत्र

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि हिरासत में पूछताछ के दौरान यह पता चला कि आरोपित सूर्यवंशी ने परीक्षा से पहले कई उम्मीदवारों के लिए लीक हुए नीट-यूजी के प्रश्न उपलब्ध कराए थे और आरोपित शुभम खैरनार के साथ मिलकर आपराधिक साजिश के तहत उम्मीदवारों या उनके परिवारों से रुपये लिए थे।

एजेंसी ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी उम्मीदवारों को नांदेड़ के एक घर में ले गया था, जहां उन्हें नीट-यूजी के प्रश्न दिए गए थे। उसने बाद में भुगतान की गारंटी के तौर पर उम्मीदवारों के मूल दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण-पत्र भी जमा किए थे।

13 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

महाराष्ट्र के पुणे निवासी सूर्यवंशी पर आरोप है कि वह आरोपित शुभम खैरनार का करीबी सहयोगी है और उसने परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को नीट-यूजी पेपर उपलब्ध कराया था। सीबीआई ने पहले 13 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था और अदालत ने उक्त आरोपपत्र पर संज्ञान ले चुकी है।

इन आरोपितों मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डाॅ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल।