लव वाले एंगल ने घुमाया एथलीट नीरज यादव की मौत का केस, परिजनों के गले से नहीं उतर रही पुलिस की थ्योरी
पैरा एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव की मौत को पुलिस आत्महत्या बता रही है, लेकिन परिवार इस थ्योरी पर सवाल ...और पढ़ें
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पैरा एथलीट नीरज यादव। सोशल मीडिया
सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। पैरा एशियन गेम्स के चैंपियन एथलीट नीरज यादव की मौत को प्रथम दृष्टया पुलिस भले ही सुसाइड बता रही हो लेकिन, पुलिस की इस थ्योरी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे पहला सवाल यह है कि अगर उन्होंने कार में बैठकर जहरीला पदार्थ खाया तो युवती को वो कार से बाहर कैसे मिले। युवती दावा कर रही है कि कई बार फोन करने पर भी जब उसने नीरज के पास जाने से इनकार कर दिया तो वह वापस उन्हें देखने क्यों गई।
उधर, परिवार के लोगों का भी दावा है कि दिव्यांगता को मात देकर पूरी दुनिया में नाम कमाने वाले नीरज सुसाइड कर ही नहीं सकते।
कभी हार नहीं मानी
परिजनों के अनुसार, नीरज को बचपन से पैरों में पोलियो था। लोग अक्सर उन्हें हीन भावना से देखते थे लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वर्ष 2005 से 2012 तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। वर्ष 2015 में उन्होंने एथलेटिक्स का रुख किया और एफ 55 कैटेगरी में खेलने लगे।
चाचा सुनील यादव ने बताया कि उन्होंने न सिर्फ जैवलिन थ्रो बल्कि शाट पुट और डिस्कस थ्रो भी खेला। पैरा एशियन गेम्स में उन्होंने जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड जीता था।
सुनील यादव के अनुसार, दुनिया ने भले ही उन्हें कमजोर माना लेकिन वह मानसिक रूप से इतने मजबूत थे कि सबको गलत साबित कर दुनिया भर में नाम कमाया। इतना मजबूत व्यक्ति सुसाइड कर ही नहीं सकता।

1 करोड़ का मिला था पुरस्कार
नीरज को पैरा एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लाने पर एक करोड़ रुपये की इनाम राशि दिल्ली सरकार ने दी थी। इतना ही नहीं वह सोनीपत में अपनी एकेडमी भी चलाते थे। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि युवती उनसे कैसे मिली और अचानक क्यों उन्हें छोड़कर यहां आ गई। रुपयों के लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर नीरज को सुसाइड करना होता तो वह कार के अंदर करते और वहीं उनका शव भी मिलता। नीरज का बाहर मिलना और कार का लाक न होने की भी जांच की जा रही है।
खेलों में नहीं ले पा रहे थे हिस्सा
वर्ष 2023 में उनके डोपिंग टेस्ट के दौरान उनके शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ स्टैनोजोलोल मिलने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने उन्हें तीन साल के लिए खेलों से निलंबित किया था। नीरज ने डोपिंग प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए डीएनए जांच की मांग की थी।
डोपिंग विवाद के चलते ही वह इसी साल हुए पैरा एशियन गेम्स में भी भाग नहीं ले सके थे। परिवार का कहना है उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत खेल से दूर किया गया था।
| वर्ष | प्रतियोगिता | उपलब्धि |
|---|---|---|
| 2015 | दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता | शाट पुट, जैवलिन और डिस्कस थ्रो में 3 स्वर्ण |
| 2016 | फज्जा ग्रां प्री | शाटपुट और डिस्कस थ्रो में 2 रजत |
| 2018 | एशियन पैरा गेम्स, जकार्ता | जैवलिन थ्रो में स्वर्ण (29.84 मीटर – एशियाई रिकॉर्ड) |
| 2022 | पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री, मोरक्को | स्वर्ण पदक एवं भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड |
| 2023 | पैरा गेम्स, चीन | जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में दो स्वर्ण |
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