नमो भारत स्टेशनों पर दिखेगी भारतीय संस्कृति, NCRTC और IGNCA में करार; कराए जाएंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
एनसीआरटीसी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के स्टेशनों को कला और संस्कृति का केंद्र बनाने के लिए समझौता किया है।

मओयू के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डा सच्चिदानंद जोशी, एनसीआरटीसी की वित्त सदस्य नमिता मेहरोत्रा व अन्य। सौजन्य : एनसीआरटीसी
HighLights
एनसीआरटीसी और आइजीएनसीए ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु समझौता किया
नमो भारत स्टेशनों पर कला-संस्कृति की प्रदर्शनियां और कार्यशालाएं होंगी
यात्रियों को यात्रा के दौरान भारतीय विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर सफर करने वाले यात्रियों को अब यात्रा के दौरान भारतीय कला, संस्कृति और विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
इसके लिए एनसीआरटीसी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इसके तहत नमो भारत स्टेशनों पर कला एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनियां, साहित्यिक कार्यक्रम, कार्यशालाएं, व्याख्यान और विरासत से जुड़ी अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
नमो भारत स्टेशनों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस पहल का उद्देश्य स्टेशनों को केवल आवागमन के केंद्र के बजाय ऐसे सार्वजनिक स्थानों के रूप में विकसित करना है, जहां लोग अपनी रोजमर्रा की यात्रा के दौरान देश की सांस्कृतिक विविधता को जान और समझ सकें।
आईजीएनसीए अपनी कला, संस्कृति और विरासत से जुड़ी विशेषज्ञता के माध्यम से इन कार्यक्रमों को आकार देने में सहयोग करेगा।
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि यह दिल्ली और मेरठ जैसे ऐतिहासिक शहरों को जोड़ता है। दिल्ली सदियों से देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रही है, जबकि मेरठ का संबंध महाभारतकालीन परंपराओं के साथ-साथ 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है।
ऐसे में कॉरिडोर के स्टेशनों पर स्थानीय और राष्ट्रीय विरासत को प्रदर्शित करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
रोजाना 1.1 लाख यात्री कर रहे सफर
फिलहाल नमो भारत कॉरिडोर पर प्रतिदिन करीब 1.1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं और अब तक 4.5 करोड़ यात्री यात्राओं का आंकड़ा पार हो चुका है।
बढ़ते यात्री आधार को देखते हुए एनसीआरटीसी स्टेशनों को जीवंत सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रहा है।
इस साझेदारी के तहत छात्रों, कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी स्टेशनों से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे।
इससे यात्रियों को देश की कला और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने के साथ उसमें सहभागिता का मौका मिलेगा।
स्टेशन बनेंगे कला-संस्कृति के नए केंद्र
एनसीआरटीसी के मुताबिक, पहल का उद्देश्य संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने के लिए उनके रोजमर्रा के सफर को ही एक माध्यम बनाना है।
इससे नमो भारत स्टेशन परिवहन सुविधा के साथ-साथ कला, संस्कृति और सार्वजनिक संवाद के नए केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकेंगे।
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