नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। भीड़भाड़ वाली दिल्ली में जल्द ही लोगों को निर्बाध पैदल पार पथ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राजधानी दिल्ली की सड़कों को पैदल चलने वालों के लिए भी सुगम बनाने की योजना बनाई है। उपराज्यपाल अनिल बैजल की अगुआई में डीडीए की इंजीनियरिंग विंग यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (यूटीपैक) के वर्किंग ग्रुप ने बाकायदा वाकेबिलिटी प्लान तैयार किया है। उपराज्यपाल स्वयं इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं और बीच बीच में आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर रहे हैं।

परियोजना के पहले चरण में 15 जगहों का वाकेबल प्लान तैयार किया गया है। इनमें से ज्यादातर जगहों के लिए बनाए गए वाकेबिलिटी प्लान को यूटीपैक की गवर्निंग बाडी में पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब मंजूरी के लिए दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) को भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस पूरी योजना को धरातल पर उतारने का काम भूस्वामित्व रखने वाली संबंधित एजेंसियां करेंगी। इसको लागू करने में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के अलावा तीनों नगर निगम, एनडीएमसी दिल्ली छावनी, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस समेत अन्य संबंधित विभागों की अहम जिम्मेदारी होगी।

यूटीपैक की रिपोर्ट की मानें तो हर रोज करीब 34 फीसद लोग केवल पैदल यात्र ही करते हैं। 50 फीसद मेट्रो यात्री मेट्रो स्टेशनों तक आने जाने के लिए भी पैदल चलते हैं। वहीं, शैक्षिक कार्यों के चलते पैदल यात्र करने वालों में 58 फीसद लोग शामिल हैं। लोग पैदल यात्र को आजकल खूब महत्व देने लगे हैं। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में वाकेबिलिटी प्लान को लागू करने का काम किया जा रहा है।

वाकेबिलेटी प्लान के तहत किए जाएंगे यह सुधार

  • फुटपाथों को बैरियर मुक्त किया जाएगा।
  • बेंच, कूड़ेदान और संकेतक लगाए जाएंगे।
  • पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
  •  छायादार वृक्ष लगेंगे और क्योस्क के लिए वें¨डग जोन बनेंगे।
  •  फुटपाथ से सड़क पार करने के लिए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।
  •  पैदल पार पथ को नो व्हीकल जोन के रूप में तैयार किया जाएगा।
  •  फुटपाथों से जुड़े सब-वे को व्यावसायिक गतिविधियों, पेंटिंग्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये सुरक्षित बनाया जाएगा।
  •  स्कूल-कालेजों और अस्पतालों के आसपास भी राहगीरों के लिए सुगम व्यवस्था की जाएगी।
  •  बीच-बीच में आराम करने के स्थान और पीने के पानी का भी प्रबंध किया जाएगा।
  •  पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुगंधित फूलों वाले पौधे भी लगाए जाएंगे।

लीनू सहगल (योजना आयुक्त डीडीए) का कहना है कि पीएम के निर्देशानुसार- एलजी की निगरानी में वाकेबिलेटी प्लान पर गंभीरता से काम चल रहा है। डीयूएसी की मंजूरी मिलते ही स्थानीय निकायों को इस दिशा में काम शुरू करना है। अगले कुछ माह में प्लान धरातल पर नजर आने लगेगा। पहले चरण में राजधानी दिल्ली के 15 व्यस्त क्षेत्रों में बनाया जाएगा निर्बाध पैदल पार पथ, मंजूरी के लिए डीयूएसी को भेजा गया प्लान।

पहले चरण में यहां का वाकेबिलेटी प्लान तैयार
आइएनए मार्केट और मेट्रो स्टेशन, आइटीओ जंक्शन, हौज खास-आइआइटी दिल्ली, डीयू (नार्थ कैंपस), डीयू (साउथ कैंपस), कमला नगर और लाजपत नगर की सड़कों के वाकेबिलिटी प्लान को डीयूएसी की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जिन सड़कों को डीयूएसी के वर्किंग ग्रुप से मंजूरी मिल चुकी है उनमें नेहरू प्लेस, भीकाजी कामा प्लेस, साकेत-मालवीय नगर, लक्ष्मी नगर, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस, पुराना किला-प्रगति मैदान और चिड़ियाघर व इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन प्रमुख रूप से शामिल हैं।

 

Edited By: Jp Yadav